सरकार के खिलाफ राज्यपाल से शिकायत करना शिक्षकों को पड़ा महंगा
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राज्य सरकार के खिलाफ राज्यपाल से शिकायत करना शिक्षकों को पड़ा महंगा पड़ गया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत से सरकार के खिलाफ शिकायत करने वाले शिक्षकों पर जांच बैठा दी गई है।
शिक्षकों ने जिला सोलन के दाडलाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्यपाल से शिक्षा का स्तर गिरने की शिकायत करते हुए शिक्षा विभाग की नीतियों पर सवाल उठाए थे। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने पांच शिक्षकों को 11 अक्तूबर को शिमला तलब किया है।
शिक्षकों पर आरोप है कि 13 अगस्त 2016 को दाड़लाघाट में हिमाचल शिक्षक महासंघ की ओर से आयोजित सेमिनार में इन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग की नीतियों पर सवाल उठाते हुए प्रदेश में शिक्षा का स्तर ठीक नहीं होने की राज्यपाल से शिकायत की।
गौर हो कि साल 2016 में इस मामले को तत्कालीन उच्च शिक्षा निदेशक ने गंभीरता से लेते हुए पांचों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। इसके बाद सभी शिक्षकों को चार्जशीट भी कर दिया था। अब करीब एक साल बाद निदेशालय ने दोबारा इस मामले पर जांच शुरू कर दी है।
इन शिक्षकों को जारी किए नोटिस
सरकार ने दाडलाघाट स्कूल के प्रवक्ता हिंदी भीषम सिंह, अर्की के चंडी स्कूल में पीजीटी गणित विनोद सूद, शिमला के पाटूखार स्कूल के प्रवक्ता राजनीति शास्त्र मामराज पुंडीर, सोलन के धुंधन स्कूल के प्रवक्ता कॉमर्स नरेंद्र कपिला और दाडलाघाट स्कूल के प्रवक्ता अर्थशास्त्र राजेंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की है। अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा एमएल आजाद को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। आजाद ने इस सभी शिक्षकों को नोटिस जारी कर 11 अक्तूबर को निदेशालय में तलब किया है।