शिक्षकों के रिक्त पदों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
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उच्च न्यायालय ने सरकारी स्कूलों में खाली पदों को भरने के आग्रह को लेकर चल रही जनहित याचिका में सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। इसके माध्यम से स्पष्ट करने के आदेश दिए कि उच्च शिक्षा में पीजीटी के कितने पद खाली हैं। कितने पदों का सृजन किया जाना है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। मामले पर आगामी सुनवाई 3 दिसंबर को होगी।
न्यायालय के समक्ष दायर स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से बताया गया कि निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने 919 जेबीटी के पद, 1367 सीएंडवी और 1901 टीजीटी के पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
न्यायालय ने स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से यह स्पष्ट करने को कहा है कि इन पदों पर भर्ती करने के लिए निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने क्या कदम उठाए हैं। राज्य कर्मचारी चयन आयोग को नए पदों को भरने के लिए 2 सप्ताह के भीतर अनुशंसा भेजने के आदेश भी जारी किए गए।
न्यायालय को बताया गया कि बैचवाइज टीजीटी के पदों को भरने के लिए निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने मामला राज्य सरकार के समक्ष भेजा है। छह माह के भीतर इन पदों को भर दिया जाएगा।
कोर्ट को बताया गया कि नए पदों को भरने के लिए मामला अभी वित्त विभाग के समक्ष स्वीकृति के लिए लंबित है। न्यायालय ने अतिरिक्त वित्त सचिव को आदेश जारी किए हैं कि वह नए पदों को भरने के लिए तुरंत कार्रवाई करें और न्यायालय के समक्ष कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल करें।
न्यायालय ने सचिव कर्मचारी चयन आयोग को स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से यह बताने को कहा है कि कितने समय में पदों को भरने के लिए चयन प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।