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बाजार में अतिक्रमण करने पर कारोबारियों पर दर्ज होगा केस
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हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस को दिए दो कारोबारियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश
पूछा, क्यों न आप पर कोर्ट की अवमानना पर कार्यवाही हो, शहर के बाजारों में दुकान के आगे सामान सजाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बाजारों में अतिक्रमण को लेकर जारी कोर्ट के आदेशों की अनुपालना न करने पर हाईकोर्ट ने कड़ा सज्ञान लिया है। इसमें कुछ कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने जनहित से जुड़ी अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि शिमला नगर से अतिक्रमण हटाने के लिए पहले ही एक मामले में आदेश पारित किए जा चुके हैं। निश्चित रूप से इन आदेशों ने परिपक्वता हासिल कर ली है। इन आदेशों को पारित हुए बहुत देर हो चुकी है, फिर भी इन आदेशों से प्रभावित लोगों के पास हाईकोर्ट के समक्ष आने का विकल्प खुला था लेकिन किसी भी परिस्थिति में नगर निगम ने कोर्ट के आदेशों की अनुपालना करवाने में कोई कार्यवाही नहीं की।
न्यायालय ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर अशोक कुमार, दुकान संख्या 146-1, लोअर बाजार और मेसर्स राजपाल एंड संस, लोअर बाजार शिमला के मालिक कमल को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ कोर्ट आदेशों की अवमानना करने पर कार्यवाही अमल में लाई जाए। इसके अलावा, थाना सदर पुलिस को इनके विरुद्ध प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यवाही के दौरान लोक सेवकों के कार्य में बाधा उत्पन्न की।
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खलीनी में पार्किंग शुरू न करने
पर नगर निगम से मांगा जवाब
शिमला। हाईकोर्ट ने कहा कि 3 जनवरी 2020 को पारित आदेशों के मुताबिक न्यायालय ने निर्देश दिया था कि खलीनी में पार्किंग को तत्काल शुरू किया जाए। इसके लिए 15 जनवरी 2020 को पहले ही निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी थीं। हालांकि, आज तक पार्किंग को शुरू नहीं किया गया है। नगर निगम को यह आदेश दिए कि वह न्यायालय को इस बारे में सूचित करें, कि कोर्ट के आदेश के बावजूद पार्किंग शुरू क्यों नहीं की जा रही और यह कब शुरू होगी? श्रम निरीक्षक, शिमला को भी कोर्ट के समक्ष हाजिर होने के आदेश जारी किए हैं। मामले पर सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की गई है।
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पूछा, क्यों न आप पर कोर्ट की अवमानना पर कार्यवाही हो, शहर के बाजारों में दुकान के आगे सामान सजाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बाजारों में अतिक्रमण को लेकर जारी कोर्ट के आदेशों की अनुपालना न करने पर हाईकोर्ट ने कड़ा सज्ञान लिया है। इसमें कुछ कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने जनहित से जुड़ी अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि शिमला नगर से अतिक्रमण हटाने के लिए पहले ही एक मामले में आदेश पारित किए जा चुके हैं। निश्चित रूप से इन आदेशों ने परिपक्वता हासिल कर ली है। इन आदेशों को पारित हुए बहुत देर हो चुकी है, फिर भी इन आदेशों से प्रभावित लोगों के पास हाईकोर्ट के समक्ष आने का विकल्प खुला था लेकिन किसी भी परिस्थिति में नगर निगम ने कोर्ट के आदेशों की अनुपालना करवाने में कोई कार्यवाही नहीं की।
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न्यायालय ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर अशोक कुमार, दुकान संख्या 146-1, लोअर बाजार और मेसर्स राजपाल एंड संस, लोअर बाजार शिमला के मालिक कमल को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ कोर्ट आदेशों की अवमानना करने पर कार्यवाही अमल में लाई जाए। इसके अलावा, थाना सदर पुलिस को इनके विरुद्ध प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यवाही के दौरान लोक सेवकों के कार्य में बाधा उत्पन्न की।
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खलीनी में पार्किंग शुरू न करने
पर नगर निगम से मांगा जवाब
शिमला। हाईकोर्ट ने कहा कि 3 जनवरी 2020 को पारित आदेशों के मुताबिक न्यायालय ने निर्देश दिया था कि खलीनी में पार्किंग को तत्काल शुरू किया जाए। इसके लिए 15 जनवरी 2020 को पहले ही निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी थीं। हालांकि, आज तक पार्किंग को शुरू नहीं किया गया है। नगर निगम को यह आदेश दिए कि वह न्यायालय को इस बारे में सूचित करें, कि कोर्ट के आदेश के बावजूद पार्किंग शुरू क्यों नहीं की जा रही और यह कब शुरू होगी? श्रम निरीक्षक, शिमला को भी कोर्ट के समक्ष हाजिर होने के आदेश जारी किए हैं। मामले पर सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की गई है।