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केसीसी बैंक के निदेशकों को निलंबित करने की याचिका बंद

Fri, 20 Jul 2018 10:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 20 Jul 2018 10:23 AM IST
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hp high court order regarding KCC bank

हाईकोर्ट ने केसीसी बैंक के निदेशकों को निलंबित करने की याचिका बंद करने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी की कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष जगदीश चंद सिपहिया सहित सभी चुने गए निदेशकों को निलंबित करने वाले आदेशों को वापस लेने पर याचिका को बंद करने के आदेश पारित कर दिए हैं।

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रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटी से कोर्ट को बताया गया कि महाधिवक्ता की सलाह पर निदेशकों को छह अप्रैल, 2018 को जारी कारण बताओ नोटिस को तकनीकी कारणों से वापस ले लिया है।सरकार के इस वक्तव्य के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता सिपहिया ने अपनी याचिका वापस ले ली।
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सोसाइटी ने 6 अप्रैल को पारित आदेशों में केसीसी बैंक अध्यक्ष सहित सभी निदेशकों को निलंबित कर दिया था। इसी आदेश में इन्हें यह बताने को कहा था कि क्यों न उन्हें उनके पदों से हटाया जाए। रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटी व कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को मामले में प्रतिवादी बनाया था।

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बैंक में कई अनियमितताएं बरतने के थे आरोप

hp high court order regarding KCC bank

 याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार बैंक में कई अनियमितताएं बरतने के आरोपों को लेकर 6 अप्रैल, 2018 को रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटी ने प्रार्थी जगदीश सिपहिया सहित कुलदीप सिंह पठानिया, अजीत पाल महाजन, प्रेमलता ठाकुर, करनैल सिंह राणा, केशव कोरला, आत्मा प्रकाश ठाकुर, छेरिंग

ताशी, मनोहर लाल, राजीव गौतम, लेखराज कंवर, सुनील दत्त, संजीव राणा, हितेश्वर सिंह, प्रकाश चंद को पदों से निलंबित कर दिया है। प्रार्थी ने आरोप लगाया था कि उसके खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस कानून के नजरिए से गलत है।

प्रार्थी के अनुसार प्रार्थी व बोर्ड के अन्य सदस्यों ने अभी तक अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया है। इस कारण उन्हें समय से पहले बर्खास्त किया जाना कानूनी तौर पर गलत है। प्रार्थी के अनुसार कमेटी के सभी सदस्यों को कोऑपरेटिव सोसायटी नियम के तहत चुनाव करवाने के बाद ही इस पद पर चयनित किया गया था।

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