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HP High Court: हाईकोर्ट ने दिया था अवैध भवन को गिराने का आदेश, नहीं हुई पालना, अब दिए ये ऑर्डर

Mon, 06 May 2024 10:14 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 06 May 2024 10:14 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला में हिमालयन ब्रह्म समाज ट्रस्ट की जमीन से अवैध भवन गिराने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध भवन को गिराने के लिए नगर निगम पुलिस की मदद ले सकती है।

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HP High Court Illegal building built on the land of Himalayan Brahmo Samaj Trust
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला में हिमालयन ब्रह्म समाज ट्रस्ट की जमीन से अवैध भवन गिराने के मामले को लेकर कड़े निर्देश दिए। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध भवन को गिराने के लिए नगर निगम पुलिस की मदद ले सकती है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई को उपायुक्त और आर्किटेक्ट प्लानर बताए कि जब 23 अक्टूबर 2021 को अवैध भवन को गिराने के आदेश दिए थे तो क्यों उसकी अनुपालन नहीं की गई।

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ललित वर्मा बनाम हिमाचल सरकार एवं अन्य के मामले में को लेकर उच्च न्यायालय ने सोमवार को सुनवाई हुई। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने इसकी स्टेटस रिपोर्ट दायर की है। रिपोर्ट में कहा है कि 2 मई को नगर निगम ने पुलिस के साथ अनिधकृत भवन की बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए। इस दौरान अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम और पुलिस के अधिकारियों को पानी और बिजली कनेक्शन काटने से रोकने का प्रयास किया था। इसके चलते नगर निगम को पुलिस की सहायता लेने पर मजबूर होना पड़ा। अब अदालत ने अगली सुनवाई में उपायुक्त और आर्किटेक्ट प्लानर को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
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अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई को बताए जाए कि जब 23 अक्टूबर 2021 को अवैध भवन को गिराने के आदेश दिए थे तो क्यों उसकी अनुपालन नहीं की गई। अधिकारी जानबूझकर आदेशों की अवहेलना करते हैं। अधिकारी बताए कि आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने के लिए उन्हें दंडित क्यों न किया जाए। इस मामले की सुनवाई 19 जून को होगी।

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