हाईकोर्ट ने पूछा - क्या है अवैध खनन को रोकने की ताजा स्थिति
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प्रदेश हाईकोर्ट ने अवैध खनन के मामले में भू-वैज्ञानिक को शपथपत्र के माध्यम से यह बताने के आदेश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाने की ताजा स्थिति क्या है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। कोर्ट ने इस मामले में स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कारपोरेशन को प्रतिवादी बनाया है।
कारपोरेशन को आदेश दिए गए हैं कि वह शीघ्र उद्योग विभाग को जरूरी सीसीटीवी कैमरे मुहैया कराने के लिए कारगर कदम उठाए ताकि उन्हें उन सभी स्थानों पर लगाया जा सके जहां अवैध खनन होता है।
कोर्ट ने ऐसे लिया था अवैध खनन का संज्ञान
इस मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश में सक्रिय खनन माफि या से निपटने व खनिजों के उचित दोहन के लिए पॉलिसी बनाने के आदेश जारी किये थे। यह आदेश अवैध खनन और सरकारी राजस्व की चोरी रोकने के लिए जारी किए थे।
कोर्ट ने प्रदेश में खनन माफि याओं की बढ़ती सक्रियता पर छपी खबरों पर लिये गये संज्ञान वाली जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात उपरोक्त आदेश पारित किए।
उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि अखबारों में खबरें आ रही है कि प्रदेश में खनन माफि या पर लगाम लगाने में सरकार नाकाम हो गई है।
कोर्ट ने पूछा था कि उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाई की जिनके संरक्षण में खनन माफि या अपना अवैध कारोबार जारी रखे हुए हैं। मामले पर अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी।