हजारों भवनमालिकों को तोहफा देने जा रही है सरकार
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हिमाचल में जल्द ही हजारों अवैध भवन नियमित होने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने अवैध भवनों को नियमित करने के लिए कानूनी राय ले ली है। अब सरकार टीसीपी एक्ट में संशोधन करने जा रही है। एक्ट में संशोधन के बाद पॉलिसी का लाभ उन्हीं भवन मालिकों को ही मिलेगा, जिन्होंने पहले इसका लाभ नहीं लिया है।
हिमाचल में पांच बार रिटेंशन पॉलिसी आई है। इसमें हजारों लोगों को भवन नियमित करने की राहत दी गई थी, पॉलिसी का लाभ लेने के बाद कई भवन मालिकों ने फिर से अतिक्रमण कर लिया है। ऐसे में इन लोगों को इस पॉलिसी का लाभ नहीं दिया जाएगा।
प्रदेश में 50 हजार के करीब भवन मालिक अपने भवनों को नियमित होने के लिए वन टाइम सेटलमेंट की राय देख रहे हैं। लोगों ने भवनों का निर्माण कर दिया है लेकिन अवैध घोषित होने के बाद इन लोगों को बिजली और पानी के कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं।
पहले लाया गया था अध्यादेश
प्रदेश सरकार बीते वर्ष भी रिटेंशन पॉलिसी को लेकर प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना संशोधन अधिनियम को लेकर अध्यादेश लाई थी। यह अध्यादेश 6 सितंबर 2014 को लाया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद इसे वापस ले लिया गया था। उस समय सरकार ने तर्क दिया था कि इसकी कमियों को दूर करने के लिए कानूनी राय ली जाएगी।
सोलन में देखी जा रही जमीन
हिमाचल में सेटेलाइट टाउन बनाने के लिए प्रदेश सरकार सोलन में जमीन तलाश कर रही है। प्रदेश सरकार ने जाठिया देवी में जमीन फाइनल कर दी है। यहां पर कॉलोनियां का निर्माण करके लोगों को बसाया जाएगा। इसके अलावा सोलन में भी 300 बीघा के करीब जमीन खरीदने पर विचार किया जा रहा है।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का कहना है कि हिमाचल में अवैध भवन मालिकों को जल्द ही राहत दी जाएगी। इसके लिए टीसीपी नियमों में संशोधन किया जा रहा है। धर्मशाला स्मार्ट सिटी को लेकर विपक्ष के नेता तरह तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। जो सहीं नहीं है। स्मार्ट सिटी बनने से जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।