फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   hp govt will go to the Supreme Court against the decision to cut apple trees, CM Sukhu called a meeting

Himachal News: मसौदा तैयार, सेब पेड़ कटान मामले में अगले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी सरकार

Fri, 18 Jul 2025 05:52 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 18 Jul 2025 05:52 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में वन भूमि पर अतिक्रमण करके लगाए सेब के पेड़ों को काटने के मामले में सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

विज्ञापन
hp govt will go to the Supreme Court against the decision to cut apple trees, CM Sukhu called a meeting
सराहन गांव में सेब के पेड़ काटे। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल सरकार ने फलों से लदे सेब के पेड़ों को काटने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है। पेड़ कटान से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के तर्क के साथ सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इसके लिए मसौदा तैयार कर लिया है। प्रदेश सरकार ने महाधिवक्ता और वन विभाग को अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का तर्क है कि इन निर्देशों का पालन किया जा रहा है, लेकिन अतिक्रमण लोगों ने किया है, इसलिए नाजायज कब्जा करने वालों को बेदखल किया जा रहा है। सरकार सुप्रीम कोर्ट में तर्क रखेगी कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से हिमाचल के नाजुक पहाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और पर्यावरण को भी नुकसान होगा। मानसून के मौसम में पेड़ कटने से पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ जाएगा। हिमाचल पहले ही आपदा का सामना कर रहा है, ऐसे में भारी तबाही मचने का खतरा है। पेड़ों की कटाई से स्थानीय वर्षा पैटर्न और जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। फलदार पेड़ों को काटना नैतिक रूप से भी सही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया जाएगा कि सरकार फलों की नीलामी अथवा अन्य विकल्प अपनाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल सरकार सुप्रीम कोर्ट से मानवीय और पर्यावरणीय प्रभावों पर विचार कर उच्च न्यायालय के आदेशों को संशोधित करने का आग्रह करेगी, जिससे कम से कम नुकसान हो। शिमला जिले के कोटखाई के चैथला, कुमारसैन सहित अन्य क्षेत्रों में उच्च न्यायालय के आदेशों पर इन दिनों कार्रवाई चल रही है। कार्रवाई का व्यापक विरोध भी हो रहा है। हिमाचल किसान सभा ने इस मामले को लेकर 29 जुलाई को प्रदेश सचिवालय का घेराव करने का भी एलान कर रखा है।

विज्ञापन

फलों से लदे पेड़ों के कटान से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के तर्क के साथ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। बरसात में फलदार पेड़ों के कटान से होने वाले भूमि कटाव के चलते आपदा के खतरे का भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखा जाएगा। महाधिवक्ता और वन विभाग को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। - जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed