हजारों अनुबंध कर्मियों के लिए अच्छी खबर, शुरू हुई रेगुलर करने की प्रक्रिया
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हिमाचल सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों को रेगुलर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में तीन साल पूरा करने वाले कर्मचारियों से इसका रिकॉर्ड मांगा है। प्रदेश मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ये मामला वित्त महकमे को भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल दिवस पर तीन साल का अनुबंध सेवाकाल पूरा करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की है। आगे के लिए भी ये व्यवस्था की गई है कि अब प्रदेश में सरकारी नौकरियों में अनुबंध की अवधि तीन साल होगी।
वर्ष 2003 के बाद हिमाचल में शुरू हुई अनुबंध प्रथा में ये अवधि आठ साल थी, जिसके बाद इसे तीसरी बार घटाया गया है। मौजूदा वीरभद्र सरकार ने सत्ता में आते ही इसे छह से घटाकर पांच साल कर दिया था। अब इसे तीन साल कर दिया गया है।
तमाम अनुबंध सहायक प्राध्यापकों की जानकारी मांगी
निदेशक उच्च शिक्षा बीएल विंटा ने सभी राजकीय महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से सूचना मांगी है कि वे तीन साल का सेवाकाल पूरा करने वाले अनुबंध आधार पर नियुक्त तमाम सहायक प्राध्यापकों की जानकारी दें। इसी तरह के पत्र तमाम विभागाध्यक्षों ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को भी भेजने शुरू कर दिए हैं।
कर्मचारी महासंघ ने फिर दोहराई सेवानिवृत्त उम्र बढ़ाने की मांग
प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री से एक बार फिर रिटायरमेंट उम्र को 58 से 60 करने और 4-9-14 का लाभ देने की मांग की है। महासंघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा, महासचिव गोपाल कृष्ण शर्मा व प्रेस सचिव सनाईक एमआर वर्मा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और डॉक्टर को साठ साल की उम्र में रिटायरमेंट मिलता है तो सिर्फ चतुर्थ श्रेणी जो 2003 के बाद लगे हें और वर्ग तीन ही क्यों 58 साल में रिटायर हों।
पदाधिकारियों ने कहा कि हरियाणा सरकार ने रिटायरमेंट आयु 58 से 60 करने के लिए सब कमेटी गठित कर दी है और पंजाब सरकार ने कांग्रेस मेनिफेस्टो में चुनाव में 60 साल करने की बात कही है। कहा कि अगर सरकार सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 कर देती है तो सरकार को 2100 से 2200 करोड़ का फायदा होता है जो एकमुश्त नहीं देना पडे़गा और दो साल तक सरकार की सौ फीसदी बचत कही जा सकती है।
जोगटा ने कहा कि इन डिमांड पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आश्वासन दिया था। ऐसे में सूबे के अफसरों को मुख्यमंत्री के आश्वासन का सम्मान करते हुए तत्काल इसे लागू करना चाहिए। इससे पहले महासंघ ने अनुबंध अवधि को पांच से घटाकर तीन साल करने पर मुख्यमंत्री को बधाई भी दी।