एक ही इलाके में डटे ये शिक्षक होंगे ट्रांसफर, सरकार ने निदेशालयों से मांगी रिपोर्ट
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एक ही स्कूल में डटे शिक्षकों पर हिमाचल सरकार की गाज गिरने वाली है। एक ही इलाके में पिछले 15 सालों से नियुक्त शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। शिक्षकों के आपसी ऐडजस्टमेंट के खेल को समाप्त करने के लिए सरकार ने बीते कई सालों से दो से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थानांतरित होने वाले सभी शिक्षकों का ब्योरा तलब कर लिया है।
उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से सरकार ने एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। सबसे अधिक कर्मचारियों की संख्या वाले शिक्षा विभाग में कई शिक्षक अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच के चलते अपने घरों से दो-चार किलोमीटर के दायरे में भी स्कूल बदलते रहते हैं।
इन शिक्षकों ने आपसी ऐडजस्टमेंट करने के लिए दूसरे शिक्षक भी चुने हुए हैं। हर तीन साल बाद यह शिक्षक पांच किलोमीटर के दायरे में अपना तबादला करवा लेते हैं। इस तबादले से इन शिक्षकों का तीन साल का स्टे समाप्त हो जाता है।
इस प्रक्रिया को अपनाकर यह शिक्षक विभाग की नजरों से भी बच जाते हैं। अब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही सरकार ने ऐसे शिक्षकों पर शिकंजा कसने की तैयारी की है।
इस ऐडजस्टमेंट से हजारों शिक्षक हैं नाराज
आपसी ऐडजस्टमेंट करवाने वाले शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर हजारों शिक्षकों में रोष भी है। नई सरकार बनने के बाद इस मामले को कई शिक्षक संगठन शिक्षा मंत्री के समक्ष भी उठा चुके हैं। ऐसे में सरकार भी कुछ शिक्षकों को खुश करने के लिए हजारों शिक्षकों को नाराज करने का जोखिम नहीं उठाना चाहती।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री का जिम्मा संभालते ही सुरेश भारद्वाज ने शिक्षकों के तबादले करने के लिए एक विशेष पोर्टल बनाने की घोषणा की है। घोषणा को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारी इन दिनों हरियाणा और कर्नाटक के मॉडल को स्टडी कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री के मुताबिक तीन साल का सेवाकाल पूरा होते ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से शिक्षकों के तबादले हो जाएंगे। एक बार हुए तबादले बदले भी नहीं जाएंगे।