तालाब घोटाले में पूर्व मंत्री को घेरने की तैयारी, ये है पूरा मामला
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हिमाचल सरकार ने तालाब घोटाले में पूर्व कांग्रेस सरकार के एक मंत्री को घेरने की तैयारी कर ली है। सरकार ने भाजपा चार्जशीट से निकाले मत्स्य विभाग के इस मामले की फाइल शनिवार को विजिलेंस जांच के लिए भेज दी।
भाजपा चार्जशीट में पूर्व सरकार के कार्यकाल में कागजों में ही तालाब बनाने के आरोप हैं। आरोप है कि करीब 95 फीसदी तालाबों को धरातल पर बनाया ही नहीं गया जबकि इसकी धनराशि लाभार्थियों को जारी कर दी गई। ये तालाब मछलियों को पालने के लिए बनाए जाने थे।
राज्य सरकार ने चार्जशीट में दर्ज इस आरोप पर मत्स्य विभाग से कमेंट मांगे तो ये आगे सतर्कता निदेशक को भेजे गए। शनिवार को सतर्कता निदेशक कार्यालय से इस मामले की फाइल आगे स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो के लिए भेज दी गई।
भाजपा चार्जशीट में लिखा गया था कि यदि प्रदेश में सर्वे करवाया जाए तो 95 फीसदी जगहों पर तालाब बने ही नहीं। इसके लिए आई धन राशि की बंदरबांट हुई। मंत्री, अधिकारी, कर्मचारी और यहां तक कि लाभार्थी भी इसमें शामिल रहते हैं।
एक दर्जन से ज्यादा महकमों के अन्य मामले भी विजिलेंस को भेजे
भाजपा चार्जशीट में सूचना के अधिकार के तहत लिया गया पालमपुर मंडल का एक तथ्य भी दर्ज है। आरोप है कि वहां तालाब ही नहीं बनाए गए, मछली उत्पादन होना तो दूर की बात है।
विजिलेंस ब्यूरो को एक दर्जन से ज्यादा महकमों के कई अन्य मामले भी जांच को भेजे गए हैं। इनमें से शनिवार को मत्स्य पालन विभाग का यह मामला और ऊर्जा महकमे के कुछ आरोप भी विजिलेंस को भेजे गए।
मुख्य सचिव की ओर से एक हफ्ते के भीतर चार्जशीट में दर्ज मामलों पर कमेंट मांगने का अल्टीमेटम भी शनिवार को पूरा हो गया। अभी तक बहुत से विभागों के मामले सरकार को नहीं मिले हैं, इसलिए ये विजिलेंस ब्यूरो को नहीं भेजे जा सके हैं।