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तालाब घोटाले में पूर्व मंत्री को घेरने की तैयारी, ये है पूरा मामला

Sun, 22 Jul 2018 12:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 22 Jul 2018 12:07 PM IST
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hp govt ordered vigilance inquiry against former minister in congress govt

हिमाचल सरकार ने तालाब घोटाले में पूर्व कांग्रेस सरकार के एक मंत्री को घेरने की तैयारी कर ली है। सरकार ने भाजपा चार्जशीट से निकाले मत्स्य विभाग के इस मामले की फाइल शनिवार को विजिलेंस जांच के लिए भेज दी।

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भाजपा चार्जशीट में पूर्व सरकार के कार्यकाल में कागजों में ही तालाब बनाने के आरोप हैं। आरोप है कि करीब 95 फीसदी तालाबों को धरातल पर बनाया ही नहीं गया जबकि इसकी धनराशि लाभार्थियों को जारी कर दी गई। ये तालाब मछलियों को पालने के लिए बनाए जाने थे। 
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राज्य सरकार ने चार्जशीट में दर्ज इस आरोप पर मत्स्य विभाग से कमेंट मांगे तो ये आगे सतर्कता निदेशक को भेजे गए। शनिवार को सतर्कता निदेशक कार्यालय से इस मामले की फाइल आगे स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो के लिए भेज दी गई।
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भाजपा चार्जशीट में लिखा गया था कि यदि प्रदेश में सर्वे करवाया जाए तो 95 फीसदी जगहों पर तालाब बने ही नहीं। इसके लिए आई धन राशि की बंदरबांट हुई। मंत्री, अधिकारी, कर्मचारी और यहां तक कि लाभार्थी भी इसमें शामिल रहते हैं। 

एक दर्जन से ज्यादा महकमों के अन्य मामले भी विजिलेंस को भेजे 

hp govt ordered vigilance inquiry against former minister in congress govt

भाजपा चार्जशीट में सूचना के अधिकार के तहत लिया गया पालमपुर मंडल का एक तथ्य भी दर्ज है। आरोप है कि वहां तालाब ही नहीं बनाए गए, मछली उत्पादन होना तो दूर की बात है। 

विजिलेंस ब्यूरो को एक दर्जन से ज्यादा महकमों के कई अन्य मामले भी जांच को भेजे गए हैं। इनमें से शनिवार को मत्स्य पालन विभाग का यह मामला और ऊर्जा महकमे के कुछ आरोप भी विजिलेंस को भेजे गए।

मुख्य सचिव की ओर से एक हफ्ते के भीतर चार्जशीट में दर्ज मामलों पर कमेंट मांगने का अल्टीमेटम भी शनिवार को पूरा हो गया। अभी तक बहुत से विभागों के मामले सरकार को नहीं मिले हैं, इसलिए ये विजिलेंस ब्यूरो को नहीं भेजे जा सके हैं। 

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