आखिर धर्मशाला वनडे से क्यों दूर रही सरकार?
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हिमाचल के एकमात्र क्रिकेट स्टेडियम पर ये पहला मौका था, जब किसी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में राज्य का मुख्यमंत्री शामिल न हुआ हो। शुक्रवार को हुए मैच को देखने न तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पहुंचे, न उनके कैबिनेट मंत्री।
इसी देखादेखी में कांग्रेस नेताओं ने भी मैच से दूरी बना ली। स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा भी नहीं आए तो आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी धर्मशाला में होने के बावजूद स्टेडियम की ओर नहीं गए। ये सौ फीसदी बहिष्कार की तरह था।
एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने बतौर अतिथि मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को बुलाया था, लेकिन किसी ने उन्हें सत्कार का मौका नहीं दिया। यानी सरकार और एचपीसीए के बीच तनाव बरकरार है।
अनुराग ठाकुर के पोस्टर फाड़े
एचपीसीए के खिलाफ सरकार की ओर से दायर चार्जशीट के केस में इसी महीने 27 तारीख को एचपीसीए के करीब सभी पदाधिकारियों की कोर्ट में पेशी है। इस तनाव के निशान शुक्रवार को एक और रूप में शहर में दिखे। एचपीसीए ने अनुराग ठाकुर के बड़े बड़े होर्डिंग शहर में लगाए थे, लेकिन ये वीरवार रात को इनमें से कुछ सुबह फटे हुए पाए गए।
इससे पहले 27 जनवरी, 2013 को भी यहां वन डे मैच हुआ था। वीरभद्र सिंह तब कुछ अन्य मंत्रियों के साथ मैच देखने आए थे, लेकिन इस बार रिश्तों की कड़वाहट इस कदर है कि पूरी सरकार इस आयोजन से दूर रही।
धूमल समेत कई भाजपा नेता पहुंचे मैच देखने
क्रिकेट मैच का शुभारंभ एचपीसीए ने बौध धर्मगुरु दलाईलामा से करवाया। नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल भी मैच देखने पहुंचे थे। वह दलाईलामा के साथ अतिथि बॉक्स में रहे। उनके अलावा पूर्व मंत्री एवं विधायक गुलाब सिंह ठाकुर, रविंद्र रवि, सरवीण चौधरी और नरेंद्र ठाकुर आदि नेता भी मैच का लुत्फ लेने पहुंचे।