अब पहली से 8वीं तक के छात्रों को भी देनी होंगी परीक्षाएं
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हिमाचल में एक बार फिर पहली से आठवीं कक्षा तक परीक्षा पैट्रन शुरू हो सकता है। राज्य सरकार ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेज दिया है। परीक्षाएं न होने से शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़े रहे प्रभाव का राज्य सरकार ने हवाला दिया है। सूबे में अभी नौंवी कक्षा से फेल करने की प्रक्रिया शुरू होती है।
बीते दिनों नई दिल्ली में सभी राज्यों के साथ केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने बैठक की है। हिमाचल की ओर से मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा नीरज भारती, अतिरिक्त सचिव शिक्षा डीसी राणा ने बैठक में शिरकत की। बैठक के बाद हिमाचल की ओर से परीक्षा दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया। पहली से आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की प्रथा शुरू होने का प्रदेश में शिक्षाविद् भी विरोध कर रहे हैं।
इसलिए लिया जा रहा फैसला
उनका कहना है कि नवीं और दसवीं कक्षा में रिजल्ट कम आने का यह एक बड़ा कारण है। छात्रों को फेल न करने के चलते प्रतिस्पर्धा की भावना भी कम हो रही है। शिक्षाविद् आठवीं तक दोबारा से परीक्षा पैट्रन शुरू करने के पक्ष में है। बीते दिनों नई शिक्षा नीति बनाने को लेकर हुई बैठकों में भी परीक्षा पैट्रन शुरू करने की वकालत की गई।
इसी कड़ी में अब केंद्र सरकार परीक्षा पैट्रन शुरू करने को लेकर जल्द ही फैसला लेनी वाली है। केंद्रीय मानव विकास संसाधन ने इसके लिए एक और उप समिति बना दी है। इस समिति में राज्यों के मंत्री भी शामिल किए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने हिमाचल की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने की पुष्टि की है।