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प्रदेश सरकार ने टीसीपी दायरे में घर, दुकान या कामर्शियल भवनों का नक्शा पास कराने का शुल्क आधा कर दिया है। पहले 250 स्क्वेयर मीटर तक के एरिया में नक्शा पास कराने के लिए करीब 5000 रुपये शुल्क लगता था, अब आधा कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने टीसीपी दायरे में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत दी है।
यहां 600 स्क्वेयर मीटर तक के एरिया में बिना नक्शे के ही भवनों का निर्माण कर सकेंगे जबकि इन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियाें (दुकानों आदि) के लिए 100 स्क्वेयर मीटर तक के एरिया में नक्शा न बनाने की छूट दी है। बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 600 स्क्वेयर मीटर में बिना नक्शे के बना सकेंगे घर
टीसीपी दायरे में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब बिजली और पानी के कनेक्शन लेने के लिए टीसीपी से एनओसी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पंचायत स्तर पर ही लोगों को ये स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत सचिव ये स्वीकृतियां देंगे। हालांकि, सचिव को मौके का मुआयना करना होगा। उसके बाद अगर नियमों की अनदेखी हुई तो उक्त कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। टीसीपी के नियमों के तहत ही पंचायत सचिव को बिजली, पानी के कनेक्शन की स्वीकृतियां देनी होंगी।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों के नक्शे बिना शुल्क के पास किए जाएंगे। यह भी प्रावधान किया गया है कि प्रदेश के मूल निवासियों को वास्तविक भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। जनता के आए सुझावों के बाद ही उक्त बदलाव किए गए हैं।
गलत नक्शा पास कराने पर होगी जेल
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि अगर कोई निजी प्लानर लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए गलत नक्शा पास करता है तो नियमों के तहत उक्त प्लानर को जेल भेजने का भी प्रावधान है। पकड़े जाने पर निजी प्लानर का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।