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अब बैंकों में जमा नहीं होगा वैट और सीएसटी
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Fri, 02 Oct 2015 01:12 PM IST
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अब मूल्य वर्धित कर (वैट) और केंद्रीय बिक्री कर (सीएसटी) बैंकों में जमा नहीं होगा। सभी उद्यमियों और कारोबारियों के लिए ऑनलाइन टैक्स अनिवार्य कर दिया है। कर जमा करवाने की यह व्यवस्था एक अक्तूबर से बदल गई है।
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लिहाजा, चालू वित्त वर्ष में अब दूसरी तिमाही या मासिक टैक्स की अदायगी अब से ऑनलाइन ही हो सकेगी। जिला सोलन में करीब 25 हजार कारोबारियों पर यह नई व्यवस्था लागू होगा। सरकार ने इस संबंध में 16 सितंबर को अधिसूचना जारी कर दी थी।
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जिला सोलन में आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ने यह व्यवस्था लागू कर दी है। विभाग का दावा है कि ऑनलाइन टैक्स जमा होने से कारोबारियों को बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। फ्राड की संभावना भी न के बराबर होगी।
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ये रहेंगे बाहर
सालाना 25 लाख से कम टर्नओवर वाले कारोबारी इस दायरे में नहीं आएंगे। इन्होंने एकमुश्त अदायगी का विकल्प खुद चुना होता है। चाय, ढाबा और हर प्रकार के छोटे कारोबारी इस दायरे में आते हैं।
पहले 40 लाख से ऊपर थी शर्त
ऑनलाइन रिटर्न पहले ही अनिवार्य हो चुकी है। सभी कारोबारियों (लमसम करदाता को छोड़कर) पर टैक्स जमा करवाने की शर्त पहली बार लागू हो रही है। इससे पहले सालाना 40 लाख से ऊपर कारोबार करने वालों पर ऑनलाइन टैक्स जमा करवाने की शर्त थी। रिटर्न जमा करवाने के बाद कारोबारी को कर की राशि संबंधित बैंकों में जमा करवानी पड़ती थी।
इन तारीखों को जमा होगा टैक्स
30 अक्तूबर टैक्स जमा करवाने की अंतिम तिथि है। जिस फर्म का टर्नओवर पिछली बार पांच करोड़ से अधिक था, उन्हें रिटर्न जमा करवाने के लिए 40 दिन का समय मिलेगा। टर्न ओवर पांच करोड़ से ऊपर थी, उन्हें रिटर्न जमा करवाने के लिए 45 दिन का समय मिलेगा।