एचआरटीसी टायर घोटाले की विभागीय जांच शुरू, इन अधिकारियों पर गिरेगी गाज
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सरकार ने एचआरटीसी टायर घोटाले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। पूर्व सरकार के कार्यकाल में हुए इस घोटाले में करीब 40 अफसर और कर्मचारी शामिल हैं। हमीरपुर से चंबा के लिए टायर भेजे गए, लेकिन ये रास्ते में ही गायब हो गए।
हालांकि, पूर्व कांग्रेस सरकार ने मामले पर जांच बैठाई थी। कई अफसरों पर जुर्माना भी किया गया था। वहीं, कांग्रेस के खिलाफ तैयार की गई भाजपा की चार्जशीट में भी इस घोटाले का जिक्र किया गया है।
अब सरकार इस मामले की नए सिरे से विभागीय जांच करा रही है। बजट सत्र के दौरान विधानसभा में इस मामले पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी।
कई अफसरों पर लगी है पेनल्टी
विधायकों ने आरोप लगाया था कि टायर के अलावा डीजल, बसों के पुर्जों में भी अफसरों ने गोलमाल किया था, जबकि जांच टायर घोटाले में हुई है। बड़ी बात यह है कि अभी भी अफसर संवेदनशील पदों पर बैठे हैं।
इन अफसरों को न तो पूर्व सरकार के कार्यकाल में हटाया गया, न ही भाजपा ने इन्हें इन पदों से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच शुरू की गई है। टायरों में हुए गोलमाल मामले की फाइल मांगी गई है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की मानें तो कई अफसरों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था। कइयों पर पेनल्टी भी लगाई गई है, लेकिन इन अफसरों को फिर से संवेदनशील पदों पर तैनाती दी गई है।