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टैक्सी ऑपरेटरों को सरकार ने दी खुशखबरी

Wed, 28 May 2014 12:35 PM IST
Updated Wed, 28 May 2014 12:35 PM IST
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HP Govt gives happy news to taxi operators, no extra permit fees

हिमाचल सरकार ने 15 साल बाद परमिट फीस बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत विभिन्न वाहनों की परमिट फीस बढ़ेगी। केवल टैक्सी कैब की परमिट फीस नहीं बढ़ेगी।

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यह राज्य भर के टैक्सी चालकों के लिए राहत की बात होगी। अन्य वाहनों की फीस में दोगुने से लेकर कई गुणा तक बढ़ोतरी करने की तैयारी है।

अनुबंध कैरैजे बसों की दो श्रेणियां पहली बार बनाई गई हैं। इनके लिए परमिट शुल्क भी अलग-अलग बढ़ाया गया है। कई वाहनों की फीस तो पांच गुणा तक बढ़ जाएगी।

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टैक्सियों से ली जाएगी पहले वाली फीस

HP Govt gives happy news to taxi operators, no extra permit fees

नई अधिसूचना में दर्शायी दरों की पूर्व के परमिट शुल्क से तुलना करें तो कांट्रैक्ट कैरेज वाहनों में टैक्सी कैब्स की फीस पूर्ववत 200 रखी गई है।

इनकी सालाना नवीकरण फीस भी पूर्ववत 125 रुपये ही रहेगी। कांट्रैक्ट कैरेज वाहनों में मैक्सी कैब की फीस 250 से 750 रुपये की जा रही है।

स्टेज कैरेज बसों की बात करें तो इनके लिए यह शुल्क पहले प्रथम वर्ष का 300 रुपये था। अब इसे 900 रुपये किया जा रहा है। पहले परमिट नवीकरण शुल्क सालाना 250 रुपये था और अब इसे 750 रुपये किया जा रहा है।

बाकी के लिए ये रहेगी परमिट फीस

HP Govt gives happy news to taxi operators, no extra permit fees

नई अधिसूचना को एक माह बाद लागू किया जा सकता है। अभी तक प्रदेश में गुड्स कैरेज में हल्के वाहनों की परमिट फीस 200 रुपये थी। इसे 250 रुपये करने की योजना है। मध्यम और भारी वाहनों की फीस 300 रुपये थी, इसे 600 रुपये किया जा रहा है।

स्टेज कैरेज में जीप के लिए शुरुआती फीस पहले 200 रुपये थी और नवीकरण के लिए यह सालाना 125 रुपये थी। इसे बढ़ाकर क्रमश: 1000 और 625 रुपये करने की तैयारी है। प्राइवेट सर्विस व्हीकल के लिए पहले साल का यह परमिट शुल्क पहले 300 रुपये था और इसे 900 रुपये किया गया है।

नवीकरण का सालाना शुल्क पहले 250 रुपये था और इसे 750 रुपये कर दिया गया है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा है कि अभी इस पर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगे गए हैं। ये अभी फाइनल नहीं हैं।

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