{"_id":"23d88046b7f26b7de4ee72ba8444145d","slug":"hp-govt-demands-itbt-for-chamba-border-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंबा बार्डर की सुरक्षा को हिमाचल के हाथ खड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंबा बार्डर की सुरक्षा को हिमाचल के हाथ खड़े
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 28 Jul 2015 09:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल सरकार ने जम्मू-कश्मीर से लगते चंबा बॉर्डर की सुरक्षा का जिम्मा संभालने में हाथ खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार के गृह मंत्रालय को एक पत्र भेजकर चंबा सीमा का सिक्योरिटी रिव्यू करवाने के बाद इसकी सुरक्षा पहले ही तरह भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को सौंपने या फिर अन्य व्यवस्था करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
हिमाचल की जम्मू-कश्मीर के डोडा, कठुआ आदि जिलों से लगभग 226 किलोमीटर की सीमा लगती है। इसी सीमा पर पहले तक आईटीबीपी की तैनाती थी लेकिन इसे दिसंबर 2012 में सीमा से विदड्रा कर दिया गया। राज्य सरकार ने आईटीबीपी को न हटाने का मामला उठाया था।
विज्ञापन
पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार को बॉर्डर की सुरक्षा समीक्षा करने और अर्द्धसैनिक बलों को तैनातकरने को कहा गया है। वर्तमान में बॉर्डर पर प्रदेश पुलिस की इंडिया रिजर्व बटालियन तैनात है। यह सच है कि प्रदेश पुलिस के जवानों का बॉर्डर क्षेत्र का अर्द्धसैनिक या सैन्य बलों जैसा प्रशिक्षण नहीं हो सकता है।
विज्ञापन
मिंजर के दौरान आतंकी हमले में मारे थे 35 लोग
तीन अगस्त 1998 को मिंजर मेले के दौरान चंबा जिले के कालाबन और सतरुंडी गांवों में आतंकियों ने 35 लोगों को मार गिराया था जबकि 11 अन्य लोग जख्मी हुए थे। ये दोनों गांव जम्मू-कश्मीर के आतंक प्रभावित डोडा जिले के साथ लगते हैं। कई बार इस बॉर्डर पर आतंकी गतिविधियां देखी जा चुकी हैं।