छेड़छाड़ मामले में पूर्व मुख्य अध्यापिका चार्जशीट, विभाग ने की कार्रवाई
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राजधानी शिमला के मेफील्ड स्कूल में हुए छेड़छाड़ के मामले में उच्च शिक्षा निदेशालय ने पूर्व मुख्य अध्यापिका को चार्जशीट कर दिया है। मुख्य अध्यापिका को जारी कारण बताओ नोटिस का स्पष्ट जवाब नहीं देने पर निदेशालय ने यह कार्रवाई की है।
शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा के आदेशानुसार शुक्रवार को निदेशालय ने मुख्य अध्यापिका को चार्जशीट करने के आदेश जारी किए। स्कूली छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में करीब एक माह पूर्व मुख्य अध्यापिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
मुख्य अध्यापिका ने नोटिस का जवाब गोलमोल दिया है। बताया जा रहा है कि मुख्य अध्यापिका ने नोटिस के जवाब में आरोपी शिक्षक की ओर से सही तरीके से न पढ़ाने की शिकायतें मिलने और उक्त शिक्षक द्वारा दिए गए माफीनामा का उल्लेख किया है।
यहां जानिए छेड़छाड़ का मामला
मई महीने में हुई पूछताछ के दौरान मुख्य अध्यापिका ने शिक्षा सचिव के समक्ष बताया था कि सितंबर 2017 में छेड़छाड़ के मामले में इसी आरोपित शिक्षक से माफीनामा भी लिखवाया गया था।
इस लापरवाही के चलते निदेशालय ने मुख्य अध्यापिका को चार्जशीट किया है। उधर, 26 अप्रैल को एक शिक्षक द्वारा 11 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ करने के मामले में आरोपी शिक्षक को निदेशालय पहले ही सस्पेंड कर चुका है।
मामले की जांच में पता चला कि आरोपी शिक्षक पहले भी छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करता रहा है। स्कूल प्रबंधन इस मामले को हमेशा रफा-दफा कर देता था। इस मामले में निदेशालय ने मुख्य अध्यापिका का मेफील्ड स्कूल से सोलन जिला में तबादला कर दिया है, लेकिन मुख्य अध्यापिका ने अभी तक पद नहीं संभाला है।