15 सरकारी महकमों से जुड़ी बड़ी घोषणाएं, जानें किस विभाग को क्या मिला?
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स्वास्थ्य विभाग- 1720 करोड़ का बजट, सीएम ने की ये घोषणाएं
सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 1720 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। साथ ही आयुर्वेद विभाग में भी 244 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में 7 करोड़ की लागत से संक्रमण नियंत्रित शल्यकक्षों और आक्सीजन सुविधा वाले बिस्तरों को स्थापित किया जाएगा। डायलिसिस सेवा को धर्मशाला, मंडी, सोलन और कुल्लू से अन्य जिलों में भी उपलब्ध कराया जाएगा।
आईजीएमसी में फर्स्ट क्लास ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा एक ही छत के नीचे अति विशिष्ट सेवाओं के लिए 290 करोड़ की लागत से शिमला के सुराला में एक अति विशिष्ट चिकित्सा खंड स्थापित किया जाएगा।
टांडा मेडिकल कालेज में एक श्रेष्ठ मानसिक स्वास्थ्य केंद्र चलाया जाएगा जिसमें बाहर चिकित्सा ले रहे मानसिक रोगियों को राज्य में ही उपचार मिल सकेगा। इसके लिए 32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस केंद्र में ही नशा निवारण केंद्र भी बनाया जाएगा।
मंडी जिले के नेरचौक में आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय खोला जाएगा। इस विश्वविद्यालय द्वारा आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों के अलावा नर्सिंग महाविद्यालयों की परीक्षाएं संचालित की जाएंगी।
बच्चों में खून की कमी को दूर करने के लिए सरकार नए वित्तीय वर्ष में निजी विश्वविद्यालयों में 6 से 18 साल के बच्चों को आयरन और फॉलिक एसिड की गोलियां वितरित करेगी।
टीबी की रोकथाम और 2021 तक इसे राज्य से समाप्त करने का लक्ष्य रखते हुए सरकार मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना शुरू करेगी। इसके तहत हर मरीज का पता लगाकर उसे उच्च श्रेणी का उपचार प्रदान किया जाएगा।
स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत कैंसर के मरीजों के लिए क्रिटिकल केयर पैकेज की राशि को 1.75 लाख से बढ़ाकर 2.25 लाख करने की घोषणा की है। वहीं, कैंसर के इलाज के लिए भी सरकार टांडा मेडिकल कालेज में रेडियेशन उपचार उपलब्ध कराएगी।
सरकार ने हिमोफिलिया के मरीजों को अस्पतालों में निर्धारित केंद्रों पर मुफ्त में एंटी हिमोफिल्कि फैक्टर उपलब्ध कराने का एलान किया है। साथ ही मधुमेय टाइप एक से ग्रसित बच्चों को सरकारी अस्पतालों में इंसुलिन निशुल्क प्रदान की जाएगी। निशुल्क इनसुलिन वितरण में 18 साल तक की आयुसीमा रखी जाएगी।
प्रदेश सरकार जनता को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए तीन मेडिकल कालेजों में अमृत फार्मेसी शुरू की जाएगी। इसमें आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कालेज और वाईएस परमार गवर्नमेंट मेडिकल कालेज नाहन शामिल हैं।
शिक्षा विभाग- लगाई तोहफों की झड़ी, एक-एक कर पढ़ें
नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के पहली से पांचवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में प्रेरणा प्लस और छठी से आठवीं कक्षा में प्रयास प्लस प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
प्रेरणा प्लस प्रोजेक्ट में पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों की बुनियादी समक्ष बढ़ाने के लिए हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय पर विशेष काम किया जाएगा। छठी से आठवीं के बच्चों के लिए प्रयास प्लस प्रोजेक्ट के तहत विज्ञान और गणित विषय को और अधिक रोचक बनाया जाएगा।
सरकार ने आईसीटी योजना के तहत प्रदेश के 506 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च विद्यालयों में स्मार्ट क्लासिज शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत मल्टी मीडिया तकनीक की सहायक से पढ़ाने और पढ़ने की गतिविधियों को बेहतर और सुदृढ़ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के बजट में बीते साल के मुकाबले 191 करोड़ की बढ़ोतरी की है। साल 2017-18 में शिक्षा विभाग के लिए 6204 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।
शिमला। बेहतर समय प्रबंधन के लिए सभी उपनिदेशक तथा खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों तथा स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाईं जाएंगी।
तकनीकी शिक्षा के लिए 220 करोड़ का बजट
तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए सरकार ने 220 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। शैक्षणिक सत्र 2017-18 से कांगड़ा जिला के रैहन में नया महिला बहुतकनीकी तथा शिमला के बसंतपुर में राजकीय बहुतकनीकी संस्थान शुरू किया जाएगा।
लैपटॉप देने को 25 करोड़ का बजट
राजीव गांधी डिजिटल योजना के तहत दसवीं और जमा दो कक्षा के दस हजार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 25 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है।
शहरी लोगों, शहरी विकास विभाग और हिमुडा के लिए ये घोषणाएं
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वार्षिक बजट में लैंड ऑनर बीकम पार्टनर विद हिमुडा के बाद अब नई स्कीम लागू की है। इसके तहत सरकार ने कॉलोनियां बनाने के लिए ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। ग्रामीण लोग छोटी-छोटी जमीनें एकत्र करके निजी बिल्डरों के साथ समझौता कर सकेंगे।
इसके बाद उक्त जमीन पर कॉलोनियों का निर्माण किया जाएगा। इसमें जमीन लोगों की होगी और कंस्ट्रक्शन का काम बिल्डर करेंगे। इसमें दोनों की बराबर हिस्सेदारी रहेगी।
सरकार शहरी निकायों को पार्किंग बनाने के लिए अपनी निधि से 50 फीसदी अनुदान देगी, जबकि 50 फीसदी हिस्सेदारी शहरी निकायों की रहेगी। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में बेहतर रहन सहन के लिए पार्कों को विकसित किया जाएगा। नगर पालिका क्षेत्रों में पार्कों को विकसित करने के लिए 60 फीसदी अनुदान किया जाएगा।
सरकार ने वर्ष 2017-18 वार्षिक बजट के लिए मल निकासी संयंत्रों में सुधार के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। नगर पंचायतों और नगर परिषद, निगम विलय किए गए वार्डों में लक्ष्य योजना के तहत 1.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बिजली- घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा महंगी बिजली दरों का बोझ
हिमाचल सरकार इस साल घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली की महंगी दरों का बोझ नहीं डालेगी। मुख्यमंत्री ने साल 2017-18 में प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं को उपदान दरों पर बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए सहर्ष 450 करोड़ रुपये का बजट देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ग्रामीण बिजली लाइनों के उन्नयन के लिए बिजली बोर्ड को 50 करोड़ की इक्विटी अंशदान प्रस्तावित किया है। इस राशि से पुराने तथा अप्रचलित ट्रांसफार्मरों को बदला जाएगा।
इस प्रक्रिया से ग्रामीण क्षेत्रों को लगातार बिजली प्रदान की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने बहुउद्देशीय परियोजनाएं तथा ऊर्जा विभाग के लिए कुल 1178 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। बीते साल के मुकाबले ऊर्जा विभाग का बजट 24 करोड़ बढ़ाया गया है।
साल 2016-17 में ऊर्जा विभाग का कुल बजट 1154 करोड़ था। साल 2017-18 में सैंज एवं ऊहल जल विद्युत परियोजना को प्रारंभ किया जाएगा। इससे राज्य में 200 मेगावाट की अतिरिक्त विद्युत क्षमता विकसित होगी।
एचपीयू- सरकार ने की ग्रांट इन एड में 11 करोड़ की बढ़ोतरी
इससे विश्वविद्यालय अपने रूटीन के बढ़े खर्च को पूरा जरूर कर सकेगा, मगर विवि की विकासात्मक गतिविधियों और घणाहट्टी में 150 बीघा भूमि पर नया कैंपस विकसित करने के लिए विवि को जो अलग से बजट प्रावधान किए जाने की उम्मीद थी। वह पूरी नहीं हुई है।
विश्वविद्यालय को बीते वित्त वर्ष में सरकार के बजट में 89 करोड़ का अनुदान मिला था, उसे सरकार ने इस बार सौ करोड़ किया है। विश्वविद्यालय ने सरकार से बजट में बीस करोड़ की बढ़ोतरी कर इसे 120 करोड़ किए जाने की मांग सरकार से की थी।
रूटीन में बढ़े खर्च पूरे करने में मिलेगी मदद : कुलसचिव
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पंकज ललित ने कहा कि सरकार ने विवि के वार्षिक अनुदान ग्रांट इन एड में ग्यारह करोड़ की बढ़ोतरी की है। जिससे विवि अपने बढ़े रूटीन खर्च को पूरा कर पाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार से अनुदान 110 करोड़ किए जाने की मांग विवि की ओर से गई थी।
लोक निर्माण विभाग- ये बड़ी घोषणाएं, बनेंगी 380 किमी सड़कें
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बजट भाषण में वर्ष 2017-18 में 380 किलोमीटर वाहन योग्य सड़क और 30 पुल बनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के 61 नेशनल हाइवे सैद्धांतिक अनुमति की अधिसूचना 14 सितंबर, 2016 को की गई थी।
प्रदेश सरकार ने निधि आवंटन का मामला केंद्र सरकार से उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 28 मार्गों की तकनीकी और वित्तीय निविदाओं के मूल्यांकन का कार्य शुरू कर दिया है। 31 सड़कों की निविदाएं तीसरी बार आमंत्रित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2 महीने के भीतर डीपीआर निविदाओं का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
हर विधानसभा क्षेत्र को मिलेगा 1-1 करोड़
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र के लिए 1-1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों के लिए 86 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। यह पैसा सड़कों के रखरखाव के लिए खर्च होगा।
सड़कों के किनारे लगेंगे कैट्स आई
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सड़कों पर स्टील क्रैश बैरियर लगाने, यू -टर्न, मोड़ों पर सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) के तहत उत्तल दर्पण और सड़कों के दोनों किनारों पर कैट्स आई लगाने का फैसला लिया है। सरकार ने इसके लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया है।
खाद्य आपूर्ति-खाद्य उपदान योजना के लिए 220 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उपदान योजना के तहत खाद्य वस्तुओं के लिए 220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को सरकार 3 दालें, दो लीटर खाद्य तेल, 1 किलो आयोडीन नमक सब्सिडी पर उपलब्ध करवा रहा है।
उपभोक्ताओं को मिलेंगे डिजीटल राशनकार्ड
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वर्ष 2017-18 में उपभोक्ताओं को डिजीटल राशनकार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे।
हिमाचल में तिब्बती बाल ग्रामों योजना होगी लागू
सीएम ने कहा कि तिब्बती समुदाय की ओर से लगातार मांग की जा रही है कि तिब्बती बाल ग्रामों में रहने वालों को राशन पर उपदान दिया जाएं। उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए तिब्बती बाल ग्रामों को राज्य उपदान योजना लागू होगी।
मातृ शक्ति बीमा योजना की राशि दोगुना बढ़ी
मातृ शक्ति बीमा योजना के तहत 10 से 75 वर्ष की लड़कियों और महिलाओं की अपंगता एवं मृत्यु होने पर 1 लाख की बीमा राशि को बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया गया है। यह राशि लड़की और महिलाओं के मृत्यु के संदर्भ में या उनके पत्तियों के मृत्यु व पूर्ण अपंग होने की स्थिति में दिया जाएगा। अंगहीन होने पर 1 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
जिला परिषद, पंचायत समिति और पंचायतों के लिए 270 करोड़ होंगे जारी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राज्य बजट से जिला परिषद, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को 270 करोड़ रुपये जारी करने की बात कही है। इसके अतिरिक्त 14 वें वित्तायोग की संस्तुति के अनुरूप वर्ष 2017-18 में 352 करोड़ जारी करेगी।
पुलिस विभाग, विधायकों का बजट भी बढ़ा, कर सकेंगे ये काम
हिमाचल प्रदेश में हर एमएलए को विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना के तहत 15 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाती थी। चार साल में इसे बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया गया है। नए बजट में इस राशि को एक करोड़ 10 लाख रुपये तक बढ़ाया जाएगा।
विधायक अन्य लोक कल्याणकारी योजनाएं जैसे कि स्कूलों में बच्चों के बैठने का सामान, स्कूलों में खेल सामग्री, अस्पतालों में बिस्तर और कंबल, जल वितरण में मोटर पंपों को बदलना, महिला मंडलों को बर्तन और फर्नीचर क्रय करने के लिए अनुदान देना है।
80 करोड़ तक की एमएलएस की नाबार्ड ऋण सीमा
नाबार्ड के तहत आरआईडीएफ ऋण के माध्यम से विधायक लोक निर्माण और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 70 करोड़ रुपये तक की राशि की विकासात्मक परियोजनाएं प्रस्तुत कर सकते थे। अब वर्ष 2017-18 के लिए इसे 80 करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है
हिमाचल में ही होंगे लाई डिटेक्टर टेस्ट, मशीन खरीदेगी सरकार
विभिन्न मामलों की जांच के दौरान लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए अभी तक दूसरे प्रदेशों का रुख करना पड़ता था। लेकिन अब आने वाले समय में हिमाचल में ही लाई डिटेक्टर टेस्ट हुआ करेंगे। फारेंसिक साइंस निदेशालय जुंगा में लाई डिटेक्टर/ब्रेन मैपिंग मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। हिमाचल सरकार आने वाले वित्तीय वर्ष में उन्हें आधुनिक मशीन उपलब्ध कराएगी।
प्रदेश सरकार ने साल 2017-18 के बजट में गृह विभाग के लिए 1239 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। इस साल प्रदेश के नाहन, ऊना और बिलासपुर में तीन नए महिला थाना स्थापित किए जाएंगे। मंडी के करसोग और सिरमौर के शिलाई में अग्निशमन चौकियां खोलने का भी प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए सरकार 10 करोड़ देगी।
वहीं, पुलिस कर्मियों के आवास के लिए तीस करोड़ और पुलिस स्टेशनों के निर्माण व नवीनीकरण के लि छह करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। वहीं, अधिवक्ता कक्ष के निर्माण के लिए भी एक करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। वहीं, ड्रग तथा प्रसाधन अधिनियम के उपबंधों का उलंघन करने पर खुदरा व थोक और उत्पादन लाइसेंस को रद्द किया जाएगा।
जिला परिषद और पंचायत समितियों के लिए ये फैसले लिए गए
सरकार ने जिला परिषद और पंचायत समितियों को तोहफा दिया है। वह पंचायतों में अपने स्तर पर पैसा खर्च कर विकास कार्य करा सकेंगी। सरकार ने वर्ष 2017-18 के वार्षिक बजट में इनके लिए 42 करोड़ देने का प्रावधान किया है।
केंद्र ने 14वें वित्तायोग में सूबे की पंचायतों के लिए सीधे राशि देने का प्रावधान किया है। 13वें वित्तायोग में जिप को 50 फीसदी, 30 फीसदी पंचायत समिति, जबकि 20 फीसदी राशि पंचायतों को जाती थी। जिला परिषद और पंचायत समितियों की वित्तीय शक्तियों में कट लगाने से ये नुमाइंदे लगातार विरोध कर रहे थे। इसके चलते सरकार ने इनके लिए अपने स्तर पर बजट का प्रावधान करने की बात कही थी।
ठोस, तरल कचर मुक्त होंगे ग्रामीण क्षेत्र
हिमाचल को खुला शौच मुक्त करने के बाद सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को ठोस और तरल कचरा प्रबंधन कार्यान्वित करने की बात कही है।
अब व्यक्तिगत लाभार्थी भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में
मुख्यमंत्री ग्रामीण आजीविका योजना के तहत व्यक्तिगत लाभार्थियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की पद्धति पर ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए 10 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। सरकार ने मनरेगा के तहत पानी के टैंकों के निर्माण को भी वरीयता दी है।
जिओ टैग होंगे आवास
सरकार ने राजीव आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य कल्याण योजनाओं के तहत घरों के निर्माण को स्वीकृति दी है। लाभार्थियों को किस्त जारी करने में विलंब हो जाता है। भविष्य में विभिन्न योजनाओं के निर्मित घरों को जिओ टैग किया जाएगा। इसके तहत लाभार्थी निर्माण चरण के चित्रों को अपलोड करेंगे। विभाग की ओर से लाभार्थी के बैंक खाते में भुगतान होगा।
उद्योग- आबकारी एवं कराधान विभाग बढ़ाएगा सुविधाएं
स्पेशल पैकेज खत्म होने के बाद से कम हो रहे उद्योगों को संजीवनी देने के लिए भी सरकार ने बजट में प्रावधान किए हैं। लोहे, स्टील और प्लास्टिक के कच्चे माल और निर्मित माल पर लगने वाले अतिरिक्त वस्तु कर को कम किया जाएगा।
वहीं, प्रदेश में वर्तमान में स्थापित उद्योगों पर प्रवेश शुल्क को एक से घटाकर आधा प्रतिशत किया जाएगा। सौ करोड़ से अधिक का कारोबार करने वाले बड़े उद्योगों को समुचित सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त/उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त के अधीन व्यापक करदाता इकाई की स्थापना की जाएगी।
इसके अलावा उद्योगों को समयबद्घ वैट विवरणी सुनिश्चित करने के लिए प्रणालियों का सरलीकरण किया जाएगा। वहीं, डीलरों की सुविधा के लिए हर सहायक आबकारी एवं कराधान अधिकारी के कार्यालय में करदाता कक्ष बनाया जाएगा। वहीं, कारोबारियों को राहत पहुंचाने के लिए स्वत कर निर्धारण योजना प्रस्तावित की है।
इसमें वैट अधिनियम 2005 के तहत अनिर्णित मामलों के निस्तारण हो सकेंगे। दो करोड़ का कारोबार करने वाले डीलरों के कर निर्धारण कर सकेंगे। वहीं डीम्ड असेसमेंट योजना के तहत अब पौने दो करोउ़ का वार्षिक कारोबार करने वाले डीलरों को लाया जाएगा।
चयनित डीलरों को चयन के साठ दिन में कर निर्धारित डीलर माना जाएगा। वहीं, एक प्रतिशत की दर से देय एकमुश्त कर योजना के दायरे में अब 40 लाख तक का सालाना कारोबार करने वाले कारोबारियों को लाया जाएगा।
5 नए आबकारी एवं कराधान अधिकारी वृत्त खुलेंगे
प्रदेश सरकार जीएसटी को लागू करने और कारोबारियों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश में 5 नए आबकारी एवं कराधान अधिकारी वृत्त खोलने की घोषणा की है। इसके अलावा साथ ही जीएसटी को लेकर व्यापारियों में जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पंचायती राज के लिए ये प्रावधान, बीपीएल पर भी बड़ा फैसला
प्रदेश सरकार ने बीपीएल परिवारों के घरों के बाहर पट्टिका लगाना अनिवार्य किया है। अगर कोई व्यक्ति इन पट्टिकाओं को निकालते हैं तो उन्हें बीपीएल की सूची से बाहर किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने लोगों को पट्टिका लगाने के लिए दो महीने की समय दिया है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बीपीएल परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के नाम से नई योजना आरंभ की है। इस योजना को 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
आवास कल्याण योजनाओं की राशि बढ़ी
प्रदेश सरकार ने राजीव आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1,30,000 लाख तक आवास उपदान की राशि बढ़ा दी है। अन्य आवास कल्याण योजनाओं के लिए उपदान राशि 75,000 से बढ़ाकर 1, 30,000 लाख की गई है। इसके लिए सरकार ने 115 करोड़ का प्रावधान किया है।
पशु त्यागने पर दंडित होंगे लोग
ग्राम पंचायतों में ऐसे पशुपालक जो पशुओं को त्यागते हैं, उन्हें दंडित किया जाएगा। इसके लिए खंड विकास अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीदारों को शक्तियां दी गई हैं।
पशु पालन विभाग- पशुपालकों से एक रुपये महंगा दूध खरीदेगी सरकार
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने बजट भाषण में दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए एक रुपये महंगा दूध खरीदने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मिल्कफेड इस वर्ष 250 लाख लीटर दूध एकत्र करेगा। उन्होंने कहा कि कि पशु चिकित्सालय में राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर को शुरू किया जाएगा।
पशु बीमार होने के स्थिति में लोगों को हेल्पलाइन नंबर पर फोन करना होगा। इससे लोगों को बीमारी के इलाज के लिए दवाइयां संबंधित जानकारी दी जाएगी। आवारा पशुओं से मुक्त प्रदेश की पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा।
15 लीटर दूध देने वाली गाय, भैंस के मालिकों को मिलेंगे 1000 रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 लीटर और इससे ज्यादा लीटर दूध देने वाली गाय और भैंसों के मालिकों को 1000 रुपये इनाम मिलेगा। सरकार ने पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिए उत्तम पशु पुरस्कार योजना शुरू की है। इसके अलावा सीएम ने भेड़ पालकों को ऊन के प्रापण मूल्य को 10 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की है।
सीएम ने बकरियों और भेड़ों के कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा के लिए पालमपुर और ज्यूरी में प्रयोगशाला स्थापित किए जाने की घोषणा की है।
वीरभद्र सिंह ने कृषकों को नई कृषक बकरी पालन योजना के तहत हिमाचल प्रजाति की बकरियां 60 फीसदी अनुदान पर उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए मुर्गी पालन को 5000 ब्रॉयलर योजना आरंभ करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत 60 फीसदी के उपदान पर 100 इकाइयां को उपदान दिया जाएगा।
सीएम ने जिला और खंड स्तर पर पूर्व नियोजित तिथियों पर मासिक रूप से पशु मंडियां आयोजित करने की घोषणा की है। मंडियों को आयोजित करने वाले पशु सहकार समितियों और किसान उत्पादक संघों को भी अनुदान दिया जाएगा।
पर्यटन- उद्योगों को मिलेगी बिजली कर में छूट
प्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप दी जाने वाली विद्युत कर की संशोधित दरें नए पर्यटन उद्योगों को भी दी जाएंगी। पर्यटन उद्योगों को प्रदेश में बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। नए उद्योगों पर सरकार पहले पांच साल तक इलेक्टिसिटी ड्यूटी एक प्रतिशत ही लगाती है।
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि एशियन विकास बैंक ने 640 करोड़ की ऋण सहायता अनुमोदित की है। पर्यटकों के प्रदेश में आगमन को यादगार बनाने के लिए पर्यटन स्थलों पर सभी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। पैकेज टूअर विकसित किए जाएंगे।
साहसिक, धार्मिक, धरोहर, शीतकालीन खेलों, ट्रेकिंग व बाहरी गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया पर्यटन का राज्य सकल घरेलू उत्पाद में 6.8 प्रतिशत का योगदान है जिसे वर्ष 2020 में बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रयास है।
उन्होंने बताया पर्यटन अधोसंरचना के विकास को प्रदेश में गति प्रदान करने के उद्देश्य से विभाग ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को हिमालयन सर्किट के तहत एक परियोजना भेजी है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों की 14 परियोजनाओं को हिमालयन सर्किट में सूचिबद्ध किया गया है। इस परियोजना में 100 करोड़ का बजट अनुमोदित कर दिया गया है।
बजट सामाजिक सुरक्षा-नौ हजार व्यक्तियों को मिलेगी पेंशन
मानसिक रुप से अविकसित नौ हजार व्यक्तियों को भी सरकार ने पेंशन देने का फैसला लिया है। साल 2017-18 से सभी मानसिक रूप से अविकसित व्यक्तियों को बिना किसी आय सीमा के पेंशन दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश सरकार विभिन्न पेंशन योजनाओं में प्रदेश के 3.89 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दे रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 650 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों तथा 80 साल से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों जो कोई अन्य पेंशन प्राप्त नहीं कर रहे हैं कि पेंशन को बिना किसी आय सीमा शर्त के 1250 रुपये प्रतिमाह किया गया है। सरकार ने साल 2017-18 के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए कुल 410 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है।
दिव्यांगों का आरक्षण चार प्रतिशत किया
प्रदेश सरकार ने दिव्यांगों के वर्तमान तीन प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर चार प्रतिशत करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश दिव्यांगों को निजी क्षेत्र में पुनर्वास करने वाला पहला राज्य है। सरकार अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक विकलांग, एकल नारी, विधवाओं तथा त्यक्ता नारियों को रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
साल 2017-18 में इन योजनाओं में दो हजार युवाओं को प्रशिक्षण और नियोजन का लक्ष्य रखा गया है। अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के लिए सरकार ने 498 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है।
नौतोड़ के सभी पात्र मामले होंगे स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने कहा है अनुसूचित क्षेत्रों में वन संरक्षण अधिनियम 1980 के कार्यान्वयन को हिमाचल प्रदेश नौतोड़ नियम 1968 को लागू करने तथा आवश्यक विकास गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से दो वर्ष के लिए स्थगित किया गया है। इससे अधिसूचित क्षेत्रों में नौतोड़ मामलों में पट्टे देने में सुविधा होगी। साल 2017-18 में नौतोड़ के सभी पात्र मामलों को स्वीकृत कर दिया जाएगा।
जनजातीय उपयोजना को दिया 513 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा अनुसूचित क्षेत्रों का एक समान तथा संतुलित विकास तथा जनजातीय लोगों के कल्याण के लिए साल 2017-18 में जनजातीय उपयोजना के लिए 513 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। यह राज्य योजना का नौ प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय क्षेत्रों के लिए गैर योजना को सम्मिलित करते हुए 1440 करोड़ का बजट आवंटन प्रस्तावित किया गया है।
स्वतंत्रता सेनानियों की सम्मान राशि 10 से 15 हजार की
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने स्वतंत्रता सेनानियों को मिलने वाली सम्मान राशि को 15 हजार रुपये किया है। पहले सेनानियों को 10 हजार रुपये सम्मान राशि मिलती थी। इसके अलावा अंतिम संस्कार पर दिए जाने वाले अनुदान को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया है। स्वतंत्रता सेनानियों की विधवाओं को मिलने वाली सम्मान राशि को 5000 से बढ़ाकर 15000 रुपये किया गया है।
स्वतंत्रता सैनानियों की पुत्रियों के विवाह के समय जी जाने वाली विवाह अनुदान 21,000 से बढ़ाकर 31,000 रुपये किए जाने का प्रावधान किया है। शौर्य पुरस्कार विजेताओं के लिए सरकार ने एकमुश्त राशि को बढ़ाया है। अनुग्रह अनुदान को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया गया। धर्मशाला में युद्ध स्मारक संग्रहालय के निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।