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प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शास्त्री और भाषा अध्यापकों के लिए उठाई ये मांग

Sun, 03 Dec 2017 01:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 03 Dec 2017 01:34 PM IST
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hp elementary education directorate write letter to govt

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शास्‍त्री और भाषा अध्यापकों की मांग को लेकर प्रधान सचिव शिक्षा को पत्र लिखा है। निदेशालय ने प्रधान सचिव शिक्षा को पत्र लिखकर भाषा और शास्त्री अध्यापकों को इक्डोल के माध्यम से बीएड करवाने की मांग की है। 

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प्रधान सचिव को लिखे पत्र में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने लिखा है कि शास्त्री और भाषा अध्यापकों की नियुक्ति के समय आरएंडपी नियमों में ओटी और एलटी ट्रेनिंग प्रोग्राम का कोई उल्लेख नहीं था। ये शिक्षक बीते पांच वर्षों से स्कूलों में कार्यरत हैं। 
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शिक्षकों को करीब पांच साल का पढ़ाने का अनुभव भी है। शास्त्री और भाषा अध्यापक अपने कार्यों में पूरी तरह से सक्षम हैं। ऐसे में इन शिक्षकों को कार्यकाल के दौरान पूरी तरह से प्रशिक्षित माना जाना चाहिए। 
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ऐसे में इक्डोल को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं कि इन अध्यापकों को बीएड के लिए दाखिला दिया जाए, ताकि प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के आदेशों की पालना की जा सके।

यह था मामला

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सीएंडवी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र कुमार शर्मा ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेशों में यह स्पष्ट किया था कि स्कूलों में कार्यरत शास्त्री और भाषा अध्यापकों को बीएड करना अनिवार्य है।

उधर, इस संबंध में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इक्डोल सेंटर ने स्पष्ट किया कि शास्त्री और भाषा अध्यापकों को इक्डोल डिस्टेंस मोड से बीएड नहीं करवा सकता। कुल मिलाकर  इस मामले को लेकर विभाग और शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी ‌ है। 

इन शिक्षकों के लिए अनिवार्य नहीं डीएलएड

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 शारीरिक शिक्षा और कला अध्यापकों के लिए डीएलएड करना अनिवार्य नहीं है। सूचना के अधिकार के तहत एनआईओएस ने यह जानकारी मुहैया करवाई है। जिला सोलन निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने एनआईओएस से आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी कि क्या शारीरिक शिक्षा अध्यापकों को डीएलएड कोर्स करना होगा।

एनआईओएस ने अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि शारीरिक शिक्षा अध्यापकों को डीएलएड कोर्स करने की कोई जरूरत नहीं। उधर, प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ने सूचना के अधिकार के तहत दी गई जानकारी में बताया है कि शारीरिक शिक्षा अध्यापकों को डीएलएड कोर्स अनिवार्य नहीं है, लेकिन शारीरिक शिक्षा अध्यापकों को एनसीटीई के नियमों को पूरा करना होगा।

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