HP Assembly Session: विमल नेगी की संदिग्ध मौत मामले पर तपा विधानसभा सदन, विपक्ष ने किया वाकआउट
विपक्ष के सदस्यों ने मुख्य अभियंता विमल नेगी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में विधानसभा अध्यक्ष को स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।
विस्तार
राज्य पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत की सीबीआई जांच पर अड़े विपक्ष ने वीरवार को विधानसभा सदन में खूब हंगामा किया। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष को हर बात का बतंगड़ बनाने का एक मर्ज सा हो गया है। इस मामले में हमने 12 घंटे से पहले कार्रवाई की और आईएएस अधिकारी हरिकेश मीणा को छुट्टी पर भेज दिया है। सरकार किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी। परिवार संतुष्ट हैं, मगर केवल भाजपा ही संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर में सात लोग मर गए, जयराम ठाकुर सोए रहे। मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव मंजूर न होने पर नेता विपक्ष ने आपत्ति जताई। सत्ता पक्ष ने भाजपा विधायकों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने देशराज को पांच अधिकारियों को सुपरसीड कर निदेशक बनाने पर भी सवाल उठाया। वीरवार सुबह विपक्ष के सदस्यों ने चीफ इंजीनियर की मौत मामले में विधानसभा अध्यक्ष को स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। शोकोद्गार के बाद सारी कार्यवाही रोककर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मामले में सीबीआई जांच हो। अधिकारियों का स्थानांतरण काफी नहीं है। अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए। निदेशक देशराज का सस्पेंशन किया गया है, मगर बाकी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारी पर काम का अत्यधिक दबाव था। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए। मामले की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को सौंपी गई है और आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज किया गया।
रणधीर शर्मा ने कहा कि बुधवार रात को चार मंत्री मौके पर गए। एफआईआर में एक अधिकारी का नाम तो है, लेकिन दूसरे का सिर्फ पद है। एफआईआर में दूसरे अधिकारी का भी नाम आना चाहिए। वरना यह माना जा रहा है कि चार मंत्रियों ने पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया। इस घटना में एक आईएएस अधिकारी का नाम है और जांच भी एक आईएएस अधिकारी को दे रहे हैं। एचपीपीसीएल के बारे में गुमनाम पत्र भी निकले। यह पहले से ही विवादित रहा है। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि चार मंत्रियों पर दबाव बनाने का आरोप गलत है। दबाव बनाने और भड़काने का काम भाजपा ने किया है। भाजपा के नेता वहां गए। जिस व्यक्ति का नाम एफआईआर में दर्ज करने को परिजनों ने कहा, उसकी एफआईआर दर्ज की गई है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि यह बहुत ही संवेदनशील विषय है। इस विषय पर की गई कार्रवाई से अवगत करवाया गया है।
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