विधानसभा उपचुनाव नतीजे: 31 साल बाद सोलन जिले में कांग्रेस का वर्चस्व, भाजपा साफ
जिला सोलन की बात करें तो यहां 31 साल बाद भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है। जबकि कांग्रेस ने सभी जिले की सभी पांचों सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाया है।
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हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों से कई नए रिकॉर्ड बने हैं। जिला सोलन की बात करें तो यहां 31 साल बाद भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है। जबकि कांग्रेस ने सभी जिले की सभी पांचों सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले वर्ष 1993 में जिले की पांचों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत हुई थी। हालांकि 2022 के चुनाव में भी भाजपा को सोलन में हार का मुंह देखना पड़ा था, मगर उस चुनाव में कांग्रेस पांच में से चार सीटें ही जीत पाई थी। इसमें नालागढ़ सीट निर्दलीय प्रत्याशी केएल ठाकुर ने जीती थी। वहीं अब उपचुनाव में कांग्रेस ने नालागढ़ सीट पर जीत हासिल कर जिला सोलन में भाजपा को क्लीन स्वीप कर दिया है।
1993 के बाद जिले में भाजपा ने अपना प्रदर्शन सुधारा और यहां पर हर बार दो या तीन सीटें जीतीं। जबकि 2007 में भाजपा ने जिले में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांचों सीटों पर परचम लहराया था। 2022 के चुनाव में भाजपा को बुरी तरह से हार का सामना देखना पड़ा था। कांग्रेस ने यहां चार सीटें जीती थी। अब 10 जुलाई को हुए उपचुनाव में नालागढ़ से हरदीप बावा की जीत के साथ ही कांग्रेस ने पांचों सीटों पर जीत का पताका फहरा दिया है। अब जिले में सोलन से धनीराम शांडिल, अर्की से संजय अवस्थी, दून से रामकुमार चौधरी, कसौली से विनोद सुल्तानपुरी और नालागढ़ से हरदीप बावा कांग्रेस के विधायक विधानसभा में बैठेंगे।