HP Assembly Session: सुक्खू बोले- मनमोहन सिंह ने देश को आर्थिक संकट से उबारा, गिरवी रखा सोना वापस लाए
प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व मंत्री दिवंगत किशन कपूर को श्रद्धांजलि देते हुए शोकोद्गार हुआ।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व मंत्री दिवंगत किशन कपूर को श्रद्धांजलि देते हुए शोकोद्गार हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शोकोद्गार प्रस्ताव रखते हुए कहा कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने देश को आर्थिक संकट से उबारा। देश का गिरवी रखा सोना वापस लाए। हिमाचल में अटल टनल निर्माण, उच्च शिक्षा संस्थान देने के लिए उनका आभार भी जताया। गद्दी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री किशन कपूर के योगदान को भी रेखांकित किया। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर सहित कई मंत्रियों और विधायकों ने शोकोद्गार में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर 2024 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। डॉ. सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। वर्ष 1991 में राज्यसभा के लिए चुने गए और 1991 से 1996 तक तत्कालीन कांग्रेस सरकार में देश के वित्त मंत्री रहे। उन्होंने आर्थिक सुधारों की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1998 से 2004 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे। 22 मई 2004 को देश के प्रधानमंत्री बने और फिर 22 मई 2009 को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने। इस दौरान उन्होंने कई क्रांतिकारी फैसले लिए। उन्होंने देश में सूचना का अधिकार अधिनियम, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा अधिनियम, आधार की शुरुआत, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण तथा 72 लाख किसानों की ऐतिहासिक ऋण माफी योजना को लागू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह की दूरगामी सोच और सहयोग के कारण हिमाचल में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं सफलतापूर्वक कार्यान्वित हुई है। अटल सुरंग, तीन चिकित्सा महाविद्यालय, नेरचौक में ईएसआई अस्पताल, आईआईटी मंडी, आईआईटी ऊना, कांगड़ा में केंद्रीय विश्वविद्यालय तथा राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान इत्यादि प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री किशन कपूर के निधन पर भी शोकोद्गार प्रस्तुत किया। उन्होंने किशन कपूर के समाज के प्रति किए गए योगदान को याद किया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से एक राजनीतिक दल को ही नहीं, देश को बड़ी क्षति हुई। वह बहुत ईमानदार थे। उनकी छवि बहुत साफ-सुथरी थी। जयराम ने सांसद किशन कपूर के निधन पर भी शोक जताया। जयराम ठाकुर ने कहा कि वह पांच बार इस सदन के सदस्य रहे। तीन बार मंत्री भी रहे। पार्टी के आग्रह पर किशन कपूर ने कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा और भारी मतों से विजयी हुए। कृषि मंत्री चंद्र कुमार, भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल, विधायक सुधीर शर्मा, डॉ. जनक राज और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने इन नेताओं के समाज के प्रति किए गए योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी डॉ. मनमोहन सिंह और किशन कपूर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
डेढ़ घंटा चला शोकोद्गार, नहीं हो सका प्रश्नकाल और शून्यकाल
बजट सत्र के दूसरे दिन विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुई। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व मंत्री किशन कपूर का बीते दिनों निधन होने के चलते सदन में शोकोद्गार प्रस्ताव रखा गया। 11 बजे से साढ़े बारह बजे तक शोकोद्गार प्रस्ताव पर वक्तव्य दिए गए। इस कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके। विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों के लिखित जवाब सदन के पटल पर ही रखे गए।
बच्चो बताओ-कैसे चुनते हैं विधायक और सांसद
बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही देखने आए तिब्बतियन केंद्रीय विद्यालय छोटा शिमला के बच्चों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात की। अध्यक्ष ने इन स्कूली छात्र–छात्राओं से कुछ प्रश्न भी पूछे। विधानसभा अध्यक्ष ने पूछा कि विधायक और सांसद कौन होते हैं। विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा सांसदों का निर्वाचन कैसे होता है। हालांकि इन छात्रों ने उनकी ओर से पूछे गए प्रश्नों के जवाब देने का प्रयास भी किया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें विधायक, विधायिका, संसद, संसदीय प्रणाली, प्रजातांत्रिक व्यवस्था तथा देश के संघीय ढांचे की भरपूर जानकारी दी। पठानिया ने कहा कि प्रजातांत्रिक प्रणाली के विधानपालिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका तीन महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनका अपना-अपना महत्व है। पठानिया ने कहा कि विधानपालिका कानून बनाती है। कार्यपालिका उसे लागू करने का कार्य करती है, जबकि न्यायपालिका उसकी व्याख्या करती है। संवाद के दौरान पठानिया ने कहा कि सदन के अंदर दूसरे दिन की कार्यवाही आरंभ होगी, जिसमें सदस्य सरकार से प्रश्न पूछेंगे और सरकार उसका जवाब देगी। पठानिया ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज स्कूली छात्र–छात्राएं लोकतांत्रिक प्रणाली को जानने तथा सदन की कार्यवाही देखने में गहरी रुचि ले रहे हैं। उन्होंने सभी बच्चों को आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया भी विशेष रूप से मौजूद रहे।