HP Apple Season: संयुक्त किसान मंच का आरोप, सात के बजाय लोडिंग के वसूल रहे 25 से 30 रुपये
एपीएमसी की मंडियों में प्रदेश सरकार के एपीएमसी एक्ट का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। मंडियों में लोडिंग की दरों के नाम पर बागवानों से मनमानी वसूली हो रही है।
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कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) की मंडियों में प्रदेश सरकार के एपीएमसी एक्ट का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। मंडियों में लोडिंग की दरों के नाम पर बागवानों से मनमानी वसूली हो रही है। फसल की पेमेंट किसानों को निर्धारित समय पर नहीं दी जा रही, जबकि एपीएमसी एक्ट में उसी दिन पेमेंट का प्रावधान है। इतना ही नहीं, सेब को औसत मूल्य पर बेचने की व्यवस्था है लेकिन इस सीजन से छोटे सेब के दामों में 30 फीसदी तक कटौती की जा रही है। एपीएमसी की मंडियों में चल रही मनमानी के खिलाफ संयुक्त किसान मंच ने मोर्चा खोलने का फैसला लिया है।
एपीएमसी एक्ट के तहत सरकार ने सेब के यूनिवर्सल कार्टन की लोडिंग के एवज में 7 रुपये प्रति पेटी दाम निर्धारित कर रखे हैं, लेकिन मंडियों में 25 से 30 रुपये तक वसूली हो रही है। एपीएमसी एक्ट में किसान को जिस दिन फसल बिके, उसी दिन भुगतान की व्यवस्था है। एपीएमसी एक्ट के सेक्शन 39 के सब सेक्शन 19 के तहत अगर आढ़ती उसी दिन पेमेंट नहीं करता तो एपीएमसी फसल को जब्त कर दोबारा ऑक्शन कर सकती है। बावजूद इसके एपीएमसी की मंडियों में आढ़तियों को 14 दिन बाद पेमेंट की छूट दे दी गई है।
हालांकि कुछ मामलों में आढ़ती और बागवान आपसी संबंधों के चलते पेमेंट साल बाद भी लेते हैं। इतना ही नहीं, मंडियों में सेब औसत मूल्य में बेचने की व्यवस्था है लेकिन इस सीजन से मंडियाें में छोटे सेब को सामान्य से 30 फीसदी कम कीमत पर बेचा जा रहा है जिससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
व्यवस्था न सुधरी तो एक हफ्ते बाद आंदोलन
सरकार की मंडियों में ही सरकारी एक्ट लागू नहीं हो रहा। एक हफ्ते में व्यवस्था न सुधरी तो बागवान सड़कों पर उतरेंगे। - संजय चौहान, सह संयोजक, संयुक्त किसान मंच
मंडियों में सेब आकार नहीं, औसत मूल्य पर बेचने के ही आढ़तियों को निर्देश दिए हैं। अगर कोई मनमानी करे तो उसकी शिकायत करते सकते हैं। -देवानंद वर्मा, अध्यक्ष, एपीएमसी