कुल्लू-मनाली के होटलों में कमरे खाली, पर्यटकों ने रद्द की बुकिंग
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मूसलाधार बारिश से ब्यास और अन्य नदी-नालों में आई बाढ़ से मची तबाही से कुल्लू-मनाली समेत पूरी घाटी का पर्यटन कारोबार चौपट हो गया है। सैलानियों ने कुल्लू-मनाली घूमने के लिए अपनी बुकिंग भी रद्द कर दी है। पर्यटन नगरी मनाली में कई होटलों में ताले लग गए हैं और स्टाफ को छुट्टी पर भेज दिया है। घाटी की सड़कों की भी हालत खस्ता है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से घाटी का मौसम खुल गया है, लेकिन पर्यटक कुल्लू-मनाली आने से कतराने लगे हैं।
इन दिनों कुल्लू-मनाली और मणिकर्ण घाटी में मात्र दस फीसदी तक पर्यटक आ रहे हैं। वोल्वो बसें मनाली के साथ मणिकर्ण नहीं पहुंच रही हैं। मनाली सहित मणिकर्ण, कसोल, बिजली महादेव, बंजार तथा जलोड़ी दर्रे के पर्यटन स्थल सूने पड़े हैं। अधिकतर होटलों में कमरे खाली होने से कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। सैलानियों की संख्या में आई भारी कमी से पर्यटन कारोबारी निराश हैं।
मनाली के होटलियर नाथू राम राणा, टेक चंद ठाकुर, निहाल ठाकुर, राकेश शर्मा, मणिकर्ण के मोहर सिंह ठाकुर, किशन ठाकुर, बंजार के टेक सिंह, राजू तथा जलोड़ी दर्रे में पर्यटन व्यवसायी देवराज और प्रताप सिंह का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से गिनती के सैलानी ही नजर आ रहे हैं। होटलों में कमरे खाली हैं।
होटल एप्पल कंट्री के मैनेजर विवेक कपूर, होटल पिकाडली के मैनेजर सतीश चौहान, होटल स्नो वैली रिजॉर्ट के मालिक विंपी बख्शी ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो रही है। कई सैलानियों ने बुकिंग को रद्द कर दिया है। हिम आंचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के प्रधान गुप्तराम ने बताया कि सैलानियों के बिना मनाली मालरोड पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
होटल एसोसिएशन मणिकर्ण के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने कहा कि भुंतर-मणिकर्ण सड़क पर बस सेवा अवरुद्ध होने से सैलानियों की वोल्वो बसें मणिकर्ण नहीं पहुंच रही हैं। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूपराम ठाकुर ने कहा कि बरसात ने मनाली के पर्यटन को बहुत नुकसान पहुंचाया है।