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स्क्रब टायफस के एकसाथ नौ मामले आने से मचा हड़कंप

Mon, 16 Sep 2019 10:42 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2019 10:42 PM IST
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hospital
शिमला। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में स्क्रब टायफस के एकसाथ नौ मामले आने से हड़कंप मचा हुआ है। इसमें सबसे अधिक मामले राजधानी शिमला से है। शहर से दो महिलाओं समेत एक सत्रह साल के लड़के की स्क्रब टायफस की रिपोर्ट भी पॉजिटिव पाई गई है। जिला शिमला के चौपाल का का एक व्यक्ति भी इस बीमारी से ग्रसित पाया गया। अस्पताल में कई दिनों बाद एक साथ नौ नए मामलों के आने से स्वास्थ्य महकमा भी सतर्क हो गया है। डॉक्टरों के मुताबिक एक व्यक्ति को गंभीर अवस्था में आईसीयू में दाखिल किया गया है।
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स्क्रब टायफस के लगातार आ रहे मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों भी सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से आग्रह किया है कि बुखार आने पर तुरंत अस्पताल में आकर अपना उपचार करवाएं। लोग खेतों में काम करने से भी परहेज करने लगे हैं। सोमवार को अस्पताल में आए नए मामलों में चार महिलाएं और दो लड़कियां भी शामिल हैं। अस्पताल में नौ नए मामलों के आने की पुष्टि अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने की है। बताया कि अस्पताल में 49 सैंपल को जांच के लिए अस्पताल भेजा था। इनमें खलीनी के रितेश (17), संजौली की रीता (46), शोघी की अनुराधा (36), चौपाल के सोहन सिंह (35), अर्की की चेतना (19), बिलासपुर की पूजा (20), करसोग के पारस राम (90), मंडी की कांता (34) और कुल्लू की सुमन लत्ता (41) की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
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110 मरीजों की रिपोर्ट आ चुकी है पॉजिटिव
आईजीएमसी में अब तक 1400 सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा जा चुका है। इनमें से 110 से अधिक मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई चुकी है। इसके अलावा अब तक छह मरीजों की स्क्रब टायफस से मौत भी हो चुकी है।
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स्क्रब टायफस के लक्षण
बरसात के मौसम में घास में पनपने वाले पिस्सू के काटने से स्क्रब टायफस होता है। इस कारण मरीज को सिरदर्द, बुखार के साथ जोड़ों में दर्द, शरीर में दर्द, कंपकंपी और शरीर पर लाल दाने और थकावट महसूस होती है। ऐसे लक्षण होने पर मरीज को तुरंत चिकित्सकों के पास उपचार करवाने आना चाहिए।

लोग ऐसे करें बचाव
बरसात के दिनों में घर के आसपास घास और झाड़ियां न उगने दें। घर के इर्द गिर्द सफाई का ध्यान रखें। खेतों में काम करते वक्त पैर और बाजूओं को अच्छे से ढककर रखना चाहिए। पार्क में टहलते हुए या पेड़ पौधों के बीच जाने से पहले पूरी बाजू के कपड़े पहनें। दो दिन से अधिक बुखार हों तो तुरंत उपचार करवाना चाहिए। इसके अलावा रक्त की जांच भी मरीजों को करवानी चाहिए।
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