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बागवानी: सेब सीजन में इस बार भी हो सकता है नेपाली मजदूरों का संकट
Tue, 13 Apr 2021 05:00 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 13 Apr 2021 05:00 AM IST
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सेब सीजन हिमाचल।
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में इस सेब सीजन भी नेपाली मजदूरों का संकट खड़ा हो सकता है। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों से दूसरे राज्यों से हिमाचल आने वालों पर बंदिशों को देखते हुए नेपाली मजदूरों का संकट फिर बन सकता है। पिछली बार सेब सीजन से पहले सरकार ने नेपाली मजदूरों को हिमाचल लाने पर हाथ खड़े दिए थे। इस कारण से राज्य और देश के भीतर से ही मजदूरों की सेब सीजन के लिए व्यवस्था करनी पड़ी थी।
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पिछले साल सेब का उत्पादन पचास फीसदी तक सिमट गया था। इस कारण से नेपाली मजदूरों की ज्यादा जररूत नहीं पड़ी थी, लेकिन इस बार बंपर पैदावार होती है तो नेपाली मजदूरों की जरूरत रहेगी। नेपाली मजदूरों को सेब सीजन शुरू होने से दो माह पहले यहां पहुंचना पड़ता है। बगीचों के प्रबंधन और छिड़काव के लिए इन मजदूरों की मदद ली जाती है।
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उत्तर प्रदेश के रास्ते हिमाचल आते हैं नेपाली मजदूर
हिमाचल में सेब सीजन के लिए नेपाली मजदूर उत्तर प्रदेश के रास्ते से हर साल आते हैं। उत्तर प्रदेश के बॉर्डर से आने के लिए कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट दिखाने पर ही प्रवेश दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में नेपाली मजदूरों को हिमाचल आने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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पिछले साल लखीमपुरी खीरी से आए थे मजदूर
पिछले साल सेब सीजन के लिए उत्तर प्रदेश के लखीमपुरी खीरी सहित अन्य क्षेत्रों से सेब की ग्रेडिंग और पैकिंग के लिए मजदूरों की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा मंडी के करसोग से भी मजदूर आए थे।
हिमाचल प्रदेश फल और सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने बताया कि इस बार सेब की बंपर फसल होती है तो नेपाली मजदूरों की जरूरत ज्यादा रहेगी। समय रहते नेपाली मजदूर बगीचों में नहीं पहुंचेंगे तो बागवानों को परेशानी हो सकती है।