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शिमला: कोठीपुरा में जल शक्ति विभाग का मंडल कार्यालय सरकार ने किया बंद, स्टाफ को पड़े वेतन के लाले

Wed, 08 Feb 2023 11:36 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Feb 2023 11:36 PM IST
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Honorarium of 180 personnel stopped due to closure of Kothipura division of Jal Shakti Department
डिनोटिफाइड किये गए जल शक्ति विभाग के कोठीपुरा मंडल का बन्द पडा कार्यालय। संवाद
कार्यालय भवन के मालिक ने विभाग के ताले पर ठोक दिया अपना ताला, रिकार्ड भी कमरे में बंद
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नहीं बन पाई बंद हुए मंडल कार्यालय के कर्मियों की तन्ख्वाह
भवन मालिक बोला, सरकार के इस कदम ने कर्जे में फंसाया
गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन जयराम सरकार की ओर से खोले गए विभागीय कार्यालयों और संस्थानों पर सुक्खू सरकार की बंदी की मार आम लोगों ही नहीं कई जगह सरकार कर्मियों पर भी भारी पड़ रही है। बिलासपुर जिले के कोठीपुरा में खोला गया जलशक्ति विभाग के मंडल कार्यालय का ताजा मामला इस ओर इशारा कर रहा है। श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के कोठीपुरा में खोले गए जल शक्ति विभाग केइस मंडल कार्यालय को सत्ता में आते ही सुक्खू सरकार ने डिनोटिफाई कर बंद करवा दिया। सरकार के इस कदम की मार आम लोगों पर तो पड़ी ही है लेकिन, इसके अधीन आने वाले मंडल समेत उपमंडल जुखाला, स्वारघाट और बस्सी कार्यालयों से जुड़े स्टाफ को वेतन के ही लाले पड़ गए। करीब 180 स्थायी और अस्थायी कर्मियों को अभी तक जनवरी के वेतन और मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है।
डिनोटिफाइड होते ही जलशक्ति विभाग ने इस मंडल कार्यालय को बंद कर दिया है। किराये पर भवन लेकर यह कार्यालय खोला गया था। इस पर विभाग ने भवन मालिक को नोटिस देकर सूचित किया कि सरकार ने इस मंडल कार्यालय को डिनोटिफाइड कर दिया है। इसलिए , हमें इस भवन की जरूरत नहीं है। सरकार और विभाग की इस कार्रवाई से गुस्साए भवन मालिक ने मंडल कार्यालय पर विभाग की ओर से लगाए ताले पर तत्काल अपना ताला जड़ दिया है। ऐसे में मंडल कार्यालय से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी बंद भवन के अंदर ही कैद हो गया है। कई दिन बीत जाने पर भी विभाग इसे लेकर हरकत में नहीं आया है। भवन मालिक से कोई बात नहीं की गई है। इस बीच, रिकॉर्ड बंद भवन के अंदर कैद होने के कारण करीब 180 अधिकारियों व कर्मचारियों वेतन व मानदेय बनाने संबंध प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। विभाग की ओर से इस बाबत लास्ट पेमेंट सर्टिफिकेट जिला कोषागार में जमा होने के बाद ही संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को उनका वेतन जारी हो पाएगा। इसके अलावा सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की कागजी कार्यवाही भी थम गई है।
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उधर, भवन मालिक देशराज का कहना है कि विभाग के कहने पर भवन का कायाकल्प कर कार्यालय के लिए तैयार किया गया। भवन के सुधारीकरण कार्य के लिए बैंक से करीब 20 लाख का कर्ज लेना पड़ा। अब सरकार ने इस मंडल कार्यालय को डिनोटिफाइड कर उन्हें भारी कर्ज में फंसा दिया है। दूसरी ओर, विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश वैद्य ने बताया कि बंद हुए जलशक्ति मंडल कोठीपुरा कार्यालय के भवन मालिक बातचीत करने के लिए अधीक्षण अभियंता की ओर से बुलाया जा रहा है। रिकार्ड नहीं मिलने से कर्मचारियों को वेतन व मानदेय भुगतान भी रुक गया है। रिकॉर्ड मिलते ही कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
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