पुरुषों के लिए खुली पवित्र नीलकंठ झील, महिलाओं के लिए है मनाही
- प्रवेश द्वार और रास्ते से पिघली बर्फ, झील पर बर्फ से बनी चांद की आकृति
- सुबह-शाम तापमान जमाव बिंदु पर, बिगड़ते मौसम के बीच रात को ठहरना जोखिम भरा
- उदयपुर से 52 किलोमीटर दूर पहाड़ी के बीच स्थित है भगवान शिव की तपोस्थली झील
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छह माह तक बर्फ से ढकी रहने वाली पवित्र नीलकंठ झील श्रद्धालुओं के लिए खोल दी गई है। धार्मिक वर्जना की वजह से यहां पर महिलाओं के जाने पर पाबंदी है। उपमंडल उदयपुर से करीब 52 किलोमीटर पहाड़ी के बीच स्थित इस झील के प्रवेश द्वार और रास्ते से बर्फ पिघल चुकी है। सुबह-शाम का तापमान जमाव बिंदु के आसपास है जबकि पल-पल बिगड़ते मौसम के बीच रात को यहां ठहरना जोखिम भरा है।
नीलकंठ झील का दर्शन कर लौटे जिला कुल्लू के काईस निवासी राजेश कुमार, अश्विनी और मनोज ने बताया कि अभी भी झील से सटी पहाड़ियों पर बर्फबारी हो रही है। मनोज ने बताया कि नीलकंठ झील पर बर्फ की एक मोटी सतह जमी हुई है जो एक सुंदर चांद की आकृति लिए हुए है। इस खूबसूरती का नजारा देखते ही बनता है।
विदेशी महिला की हो गई थी मौत
नीलकंठ झील के पुजारी अमर ने बताया कि पवित्र नीलकंठ झील पर महिलाओं के जाने पर धार्मिक वर्जना की वजह से मनाही है। लिहाजा, पुरुष ही इस झील के दर्शन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब 13124 फुट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र झील का अब श्रद्धालु, सैलानी और ट्रैकर रुख कर सकते हैं।
दो दिन पूर्व खुली इस झील के ऊपर बर्फ की एक मोटी परत जमने से हालांकि झील में स्नान करना संभव नहीं है। भगवान शिव की तपोस्थली माने जाने वाली इस झील के दर्शन के लिए महिलाओं को मनाही है। बताया जाता है कि धार्मिक वर्जना का उल्लंघन कर कई दशक पूर्व एक विदेशी महिला उस झील ओर गई थी। उसकी झील के पास पहुंचते ही पहाड़ी से गिरकर मृत्यु हो गई थी।