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सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सुबह जगन्नाथ की पूजा, दोपहर बाद निकाला ताजिया

Tue, 10 Sep 2019 06:49 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 10 Sep 2019 06:49 PM IST
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Hindu-Muslim communities worship Jagannath in the morning and included in muharram procession
- फोटो : अमर उजाला

ऐतिहासिक शहर नाहन में एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम समुदायों के लोगों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। मंगलवार को वामन द्वादशी पर्व पर शहर के बड़ा चौक स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में बड़ी संख्या में सुन्नी समुदाय के लोगों ने शीश नवाया और विश्व की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। वहीं, मुहर्रम पर दोपहर बाद निकाले गए ताजिया में हिंदुओं ने शिरकत की। 

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इसके बाद हिंदू-मुस्लिमों ने एक-दूसरे को गले लगाया और मिठाइयां बांटीं। हिंदुओं ने तहसीलदार नारायण सिंह चौहान की अगुवाई में फूलमालाएं पहनाकर मुस्लिमों का स्वागत किया। मुस्लिमों ने भी मंदिर में फल व मिठाइयां भेंट कीं। आल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष नसीम मोहम्मद दीदान की अगुवाई में करीब 60 लोग उपस्थित रहे।
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मंदिर में शीश नवाने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग मुहर्रम की तैयारियों के लिए मंदिर से रवाना हुए। हालांकि, हर साल मुस्लिम समुदाय के लोग भगवान वामन की पालकी का गर्मजोशी से स्वागत करते आ रहे हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी वामन द्वादशी व मुहर्रम एक साथ आने के कारण सबसे पहले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिंदुओं के पर्व में शरीक होकर मंदिर जाकर भगवान की पूजा अर्चना की।

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ये लोग रहे मौजूद

Hindu-Muslim communities worship Jagannath in the morning and included in muharram procession

दीदान ने बताया कि ऐतिहासिक शहर नाहन में हिंदू-मुस्लिम एकता व सांप्रदायिक सद्भावना की मिसाल पेश करते आ रहे हैं। इतिहास के पन्नों में इस दिन को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुहर्रम मुस्लिम कैलेंडर की 10 तारीख हजरत हुसैन की याद को ताजा करती है जो अत्याचारी शासक के खिलाफ नैतिकता व इंसाफ की लड़ाई लड़ते हुए अपने परिवार के 72 सदस्यों के साथ शहीद हो गए थे।

भगवान विष्णु मानव पर परोपकार का उपदेश देते हैं। उन्होंने बताया कि जगन्नाथ मंदिर में दर्जनों लोगों ने देवताओं को पुष्प व फल व प्रसाद अर्पित किए। इस मौके पर उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों को पवित्र पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। इसके बाद हिंदू समुदाय के लोग कच्चा टैंक में ताजियों के जुलूस में शामिल हुए। 

जगन्नाथ मंदिर में तहसीलदार के अलावा कैप्टन सलीम, अधिवक्ता शकील अहमद शेख, पांवटा तहसील के प्रधान सलामुदीन, फिरोज खान, गुल मनावर अहमद, जाकिर अली, अरशद, सन्नी, जावेद, मोहम्मद अरिफ, नौशाद, इंतजार अली, जुनैद अख्तर, नासिर अहमद, इरशाद अली, मोहिन अख्तर, अमरोज हुसैन, बाबी खान, मोनी, फिरोज, सोनू, यामीन, यासीन, गुलशन, समद, मुबारिक अली सहित प्रकाश बंसल, पंडित सुरेंद्र शर्मा, कीर्ति शर्मा के अलावा कई हिंदू व मुस्लिम लोग उपस्थित रहे।

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