हिमुडा ने तोड़ दिया आपके घर का सपना!
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हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) से प्लॉट या फ्लैट का सपना पूरा नहीं हो रहा है। तीन साल पहले करवाए गए डिमांड सर्वे में हिमुडा ने फ्लैट या प्लॉट के लिए आवेदन मांगे थे। 10 जिला मुख्यालय, पर्यटन और औद्योगिक शहरों में घर खरीदने के लिए करीब 72 हजार लोगों ने आवेदन किया था।
आवेदन 5000 रुपये के साथ मांगे गए थे, पर हिमुडा इस मांग को अब तक पूरा नहीं कर सका है। आगे कोई उम्मीद भी नहीं है। अब हालत यह है कि 72 हजार आवेदकों में से करीब 26 हजार को पैसे लौटा दिए हैं। बाकी के लिए भी ऑफर है कि जो इंतजार नहीं कर सकता, वो पैसे ले सकता है।
इसी बीच हिमुडा ने हमीरपुर, परवाणू जैसे स्थानों पर बनी नई कॉलोनियों के लिए कुछ आवेदकों को ऑफर दिया था, लेकिन ये संख्या बेहद कम है। इन आवेदकों में करीब 15 फीसदी प्रदेश के बाहर के थे।
42 साल में बांटे 18 हजार प्लॉट-फ्लैट
राज्य में हाउसिंग बोर्ड 1972 से है। इसके बाद 2004 में इसका विलय हिमुडा में हुआ। स्थापना के करीब 42 वर्षों में हिमुडा ने कुल 18 हजार प्लाट या फ्लैट बेचे हैं। ऐसे में 72 हजार आवेदकों को घर उपलब्ध करवाने में कितना वक्त लगेगा, ये अंदाजा लगाया जा सकता है।
हिमुडा के सीईओ डॉ. सुनील चौधरी का कहना है कि भूमि खरीद की प्रक्रिया में दिक्कत है। जहां जितनी जमीन चाहिए, वहां मिल नहीं रही। जहां मिलती है, वहां या तो वन भूमि है या फिर सड़क या बिजली-पानी न होने की दिक्कत है। डिमांड सर्वे भी व्यावहारिक नहीं था। कई केस ऐसे थे, जहां एक ही परिवार ने चार-पांच आवेदन कर दिए थे।
ये सोचकर कि लॉटरी निकलेगी। फिर भी हम नई कॉलोनियों के लिए जमीन की तलाश में हैं। जो आवेदक इंतजार नहीं कर सकते, वे अपनी धनराशि ले सकते हैं।