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सीएम नहीं सुनते, अब पीएम से की शिकायत
Updated Thu, 16 Oct 2014 11:24 AM IST
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मांगें पूरी न होने पर सूबे के शिक्षकों ने अब राज्य सरकार के बजाय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत करना शुरू कर दी है। बुधवार को हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने सभी जिलों में उप निदेशकों के माध्यम से प्रधानमंत्री को मांग पत्र भेजा है।
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13 सूत्रीय इस मांग पत्र में पेंशन, 4-9-14 और नियमितीकरण समेत कई मसलों को उठाया गया है। महासंघ के मीडिया प्रभारी डॉ. मामराज पुंडीर ने बताया कि बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षा उप निदेशक प्राथमिक व उप निदेशक उच्च शिक्षा को हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ का मांग पत्र सौंपा गया है।
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उन्होंने कहा कि इस पत्र को शिक्षा उप निदेशक, शिक्षा निदेशक, शिक्षा सचिव, मुख्यमंत्री, एचआरडी मंत्री व प्रधानमंत्री को यह मांग पत्र सौंपा जाएगा। इसी कड़ी में महासंघ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से 20 अक्तूबर को शिमला में मिलेगा और उन्हें भी मांग पत्र सौंपा जाएगा।
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शिक्षकों की हैं ये 13 मुख्य मांगें
- 7-7-14 की अधिसूचना को निरस्त करना
- अनुबंध अध्यापकों को तीन वर्ष में नियमित करना
- सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष करना
- डीपीई, एलए क्रॉफ्ट की वेतन विसंगतियों को दूर करना
- पदोन्नति ग्रेड पे पदोन्नति के दो वर्ष बाद प्रदान करना गलत
- प्रारंभिक विद्यालयों में खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए फंड
- नए सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 5 विषयों की ही मंजूरी गलत
- शिक्षकों की अस्थायी भर्तियों पर लगे रोक
- पीजीटी पदनाम बदलकर लेक्चरर किया जाए
- टीजीटी से पीजीटी की पदोन्नति के लिए विषयवार वरिष्ठता सूची बने
- 2004 से पहले की पेंशन व्यवस्था बहाल हो
- गैर शैक्षणिक कार्य न लिए जाएं शिक्षकों से
- पैरा टीचर को शीघ्र नियमित किया जाए