फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachali stranded in Ukraine: An orange and a bottle of water given to the students after 24 hours

यूक्रेन में फंसे हिमाचली: विद्यार्थियों को 24 घंटे बाद खाने को दिया एक संतरा और पानी की बोतल

Thu, 03 Mar 2022 10:28 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी) Published by: Krishan Singh Updated Thu, 03 Mar 2022 10:28 PM IST
सार

मेडिकल यूनिवर्सिटी के बंकर से निकलकर भारी गोलीबारी और बमबारी के बीच करीब 15 किलोमीटर खारकीव के निकट रेलवे स्टेशन पर पहुंचे भारतीय विद्यार्थियों को यूक्रेन की सेना ने ट्रेन में नहीं बैठने दिया। केवल स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी गई।

विज्ञापन
Himachali stranded in Ukraine: An orange and a bottle of water given to the students after 24 hours
सुंदरनगर के अंकुर चंदेल व लखनऊ के सागर वर्मा - फोटो : संवाद

विस्तार

यूक्रेन के खारकीव में भारतीय विद्यार्थियों तक केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से न मदद और न कोई एडवाइजरी मिल रही है। इससे वहां फंसे सैकड़ों विद्यार्थी परेशान हैं। बुधवार को मेडिकल यूनिवर्सिटी के बंकर से निकलकर भारी गोलीबारी और बमबारी के बीच करीब 15 किलोमीटर खारकीव के निकट रेलवे स्टेशन पर पहुंचे भारतीय विद्यार्थियों को यूक्रेन की सेना ने ट्रेन में नहीं बैठने दिया। केवल स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी गई। इसके बाद इन्हें कंसलटेंसी सर्विस 12 किलोमीटर आगे पश्चिनो क्षेत्र स्थित एक स्कूल के शेल्टर होम में ले गई। यहां पहुंचने के बाद करीब 450 विद्यार्थियों को 24 घंटे के बाद पानी की एक बोतल और खाने के लिए दो छात्रों को 48 घंटे बाद केवल एक संतरा दिया गया। पश्चिनो में स्कूल के शेल्टर होम में पहुंचे सुंदरनगर के अंकुर चंदेल पुत्र नरेश चंदेल और उसके साथ रह रहे लखनऊ के सागर वर्मा पुत्र सुरेश कुमार ने बताया पश्चिनो खारकीव से 12 किलोमीटर दूर है। खारकीव में रूस की सेना ने एयर स्ट्राइक कर यूनिवर्सिटी को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। जहां वह रह रहे हैं, वहां भी गोलीबारी और बमबारी हो रही है। रेलवे स्टेशन पर भारतीयों के लिए लौटने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।  उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें जल्द यहां से निकाला जाए। अंकुर चंदेल के पिता नरेश चंदेल ने केंद्र और प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि जल्द बच्चों को वहां से निकालने की व्यवस्था की जाए।

विज्ञापन

सुरक्षित पोलैंड पहुंचे तीन विद्यार्थी अनुष्का, अदिति और शिवांश 

वहीं, यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध के बीच हिम्मत जुटाकर शिमला की अनुष्का कुठियाला, अदिति शर्मा, करसोग के शिवांश सहित अन्य प्रदेशों के दो छात्र खारकीव से बुधवार को भारतीय समय के अनुसार करीब साढ़े छह बजे पोलैंड पहुंच गए हैं। लवीव पहुंचने पर टैक्सी का इंतजाम कर करीब 24 घंटे का सफर किया और पोलैंड पहुंचे। इन्हें होटल में ठहराने की व्यवस्था कर दी गई है। अनुष्का के पिता राजीव कुठियाला, अदिति के पिता नरेश और शिवांश के पिता राकेश ने बताया कि बच्चों से व्हाट्सएप पर और वॉयस कॉल से संपर्क हो पा रहा है। छात्रों की अभिभावकों को बताया कि यहां खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था ठीक है। उनके साथ ट्रेन में आए करीब डेढ़ सौ विद्यार्थी भी यहीं रुके है। उम्मीद है कि दो दिन में सुरक्षित लौट जाएंगे। उन्होंने बताया कि सोनू सूद ने भी भारतीय बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए मिशन यूक्रेन अभियान चलाया है। उसमें भी बच्चों के नाम दर्ज करवाए थे। अब उन्हें नहीं मालूम में पोलैंड में भारतीय दूतावास या फिर सोनू सूद की यह संस्था बच्चों का ख्याल रख रही है। 

विज्ञापन


दिल्ली से 14 और हिमाचली विद्यार्थियों को भेजा हिमाचल
यूक्रेन से लौटे 14 और हिमाचली विद्यार्थियों को वीरवार को हिमाचल के लिए रवाना किया गया। गुरुवार को मुंबई एयरपोर्ट में हिमाचल के 4 विद्यार्थी यूक्रेन से लौटे। इन्हें नई दिल्ली लाने की व्यवस्था की जा रही है। यहां से इन्हें शुक्रवार को हिमाचल के लिए भेजा जाएगा। वीरवार रात को और हिमाचली विद्यार्थियों के यूक्रेन से लौटने के आसार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed