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हिमाचली काला जीरा और चुल्ली तेल का जीआई में पंजीकरण
Thu, 30 May 2019 06:48 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 30 May 2019 06:48 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सामान अधिनियम 1999 के भौगोलिक संकेतक (जीआई) में हिमाचली काला जीरा और हिमाचली चुल्ली तेल के पंजीकरण पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद को बधाई दी है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह प्रयास राज्य के पारंपरिक उत्पादों के संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा। हिमाचल देश का पहला राज्य है। जिसने भौगोलिक संकेतकों के पंजीकरण के लिए नीति तैयार की है।
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प्रदेश पेटेंट सूचना केंद्र (एचपीपीआईसी) प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद को हिमाचल प्रदेश के संभावित भौगोलिक संकेतक (जीआई) की पहचान करने और जीआई अधिनियम में इनका पंजीकरण करवाने के लिए नोडल एजेंसी घोषित किया गया है।
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जीआई अधिनियम में इन उत्पादों का पंजीकरण होने से अनाधिकृत उत्पादन पर रोक के साथ-साथ हिमाचली काला जीरा और हिमाचली चुल्ली तेल के नाम का दुरुपयोग नहीं होगा।
काला जीरा, चुल्ली तेल के हितधारकों के लिए कार्यशाला लगेगी
प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्टी) के सदस्य सचिव डीसी राणा ने कहा कि भविष्य की रणनीति के लिए कार्य योजना तैयार करने के लिए शीघ्र ही कल्पा और रिकांगपिओ में हिमाचली काला जीरा और हिमाचली चुल्ली तेल के हितधारकों के लिए कार्यशाला लगाई जाएगी।