Himachal Weather: जुलाई में बारिश ने तोड़े कई रिकॉर्ड, मंगलवार के लिए भी अलर्ट, जानें कब सुधरेंगे हालात
मानसून की बारिश ने तबाही मचाई है। राज्य में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई और अधिकांश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के सिरमौर जिले में अत्यधिक भारी वर्षा हुई। इस साल जुलाई महीने अब तक हुई बारिश ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने तबाही मचाई है। राज्य में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के सिरमौर जिले में अत्यधिक भारी वर्षा हुई। इस साल जुलाई महीने में अब तक हुई बारिश ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी प्रणाली के प्रभाव से भारी बारिश का सिलसिला जारी है। रात 12:00 बजे तक सिरमौर, सोलन, शिमला, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिले के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। जबकि कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना और आसपास के क्षेत्र में मध्यम बारिश की संभावना है। प्रदेश में सोमवार शाम तक सात नेशनल हाईवे समेत 828 से ज्यादा सड़कें ठप रहीं। 4,686 बिजली ट्रांसफार्मर और 4,833 पेयजल परियोजनाएं भी प्रभावित हैं।
11 जुलाई के लिए इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
इसी तरह 11 जुलाई को सिरमौर, सोलन, शिमला, मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिले में अलग-अलग स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। इस अवधी के दौरान बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, शिमला, मंडी, कुल्लू, सिरमौर व सोलन जिले में बाढ़ आने की भी आशंका है। निचले और मध्य पर्वतीय भागों में गरज के साथ बारिश-बिजली गिरने की भी संभावना है।
इस दिन से हालात सुधरने की उम्मीद
11 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता और वितरण में कमी आने की संभावना है। 12 जुलाई से किसी तरह का अलर्ट फिलहाल जारी नहीं हुआ है। ऐसे में लोगों को भारी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार 16 जुलाई तक कई भागों में बारिश का क्रम जारी रह सकता है।
बारिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड
जुलाई महीने में अब तक हुई बारिश ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मनाली में 9 जुलाई को 131.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसी तरह सोलन में 107, रोहड़ू 185, ऊना 228.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। घुमैहर कांगड़ा 166 और नादौन में 160.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जोकि अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं, पच्छाद 220.3 और नयनादेवी में 198.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जोकि अब तक का रिकॉर्ड हैं। इसी तरह नाहन में 9 जुलाई 2014 के बाद से सबसे अधिक 131.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
कसौली में 1990 के बाद सबसे अधिक 172, देहरा गोपीपुर में 2014 के बाद 175.4, काहू बिलासपुर में 2004 के बाद 171.5, बरठी में 1982 के बाद 148.6, केलांग में 1982 के बाद सबसे अधिक 83.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, आरएल बीबीएमबी बिलासपुर में 2006 के बाद 224, संगड़ाह 180, अर्की में 2017 के बाद 150 और शिमला हवाई अड्डे में 2012 के बाद सबसे अधिक 103.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
आज सुबह 8:30 से शाम 5:30 बजे तक कहां कितनी बारिश
स्टेशन बारिश मिलीमीटर में
शिमला 58.0
सुंदरनगर 44.0
नाहन 148.0
कल्पा 16.0
मंडी 46.0
बिलासपुर 30.0
मशोबरा 54.5
नारकंडा 51.0
धौलाकुआं 55.5
छैला 37.5
अधिकतम तापमान(डिग्री सेल्सियस में)
शिमला 17.2
सुंदरनगर 21.3
कल्पा 14.2
धर्मशाला 25.0
ऊना 25.4
नाहन 23.0
केलांग 5.9
कांगड़ा 26.3
मंडी 20.8
बिलासपुर 25.0
हमीरपुर 24.5
चंबा 28.1
धौलाकुआं 21.4
कुफरी 15.3
नारकंडा 13.8
रिकांगपिओ 16.1
धौलाकुआं 26.9
चंबा में भूकंप का झटका, घरों से बाहर भागे लोग
वहीं, भारी बारिश के बीच जिला चंबा में सोमवार सुबह 5:39 बजे भूकंप का झटका महसूस हुआ। हालांकि इससे किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन भूकंप का झटका लगने से लोग डर गए और लोग घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 आंकी गई। भूकंप का केंद्र बिंदु जम्मू-कश्मीर का डोडा जिला रहा। उपायुक्त चंबा अपूर्व देवगन ने बताया कि भूकंप के झटके से किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है।