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Himachal Weather: लाहाैल की चोटियों पर हल्की बर्फबारी, मानसून में अब तक 95 लोगों की गई जान, 252 सड़कें बाधित

Sat, 12 Jul 2025 06:20 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 12 Jul 2025 06:20 PM IST
सार

प्रदेश के कई भागों में बारिश लगातार जारी है। लाहौल घाटी में रात को बारिश के साथ चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। 

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Himachal Weather forecast: Light snowfall on the peaks of Lahaul, 92 people have died so far in the monsoon
लाहाैल की चोटियों पर हल्की बर्फबारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बारिश लगातार जारी है। लाहौल घाटी में रात को बारिश के साथ चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई। बारिश से लाहौल के किसान-बागवानों ने राहत की सांस ली है। सूखे जैसे हालत होने से यहां मटर सहित दूसरी फसलों को नुकसान हो रहा था। वहीं बर्फ से घाटी की ऊंची चोटियां सफेद हो गई हैं और ठंड भी बढ़ गई है। वहीं कुल्लू जिले में भी रातभर भारी बारिश हुई। ब्यास के साथ जिला के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। राज्य में शनिवार शाम तक दो नेशनल हाईवे सहित 252 सड़कें बाधित रहीं। इसके अतिरिक्त 327 बिजली ट्रांसफार्मर और 787 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। सबसे अधिक 203 सड़कें, 102 बिजली ट्रांसफार्मर आपदा ग्रस्त मंडी जिले में प्रभावित हैं। वहीं कांगड़ा जिले के उपमंडल धर्मशाला, नूरपुर व देहरा में 612 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। 

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1,193 से अधिक कच्चे-पक्के घर तबाह
उधर, सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से अब तक बादल फटने, भूस्खलन व बाढ़ में 95 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 175 लोग घायल हुए हैं और 33 अभी लापता हैं। 1,193 से अधिक कच्चे-पक्के घर, दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। 785 गोशालाओं को भी भारी नुकसान हुआ है। जबकि 953 पशुओं की माैत हो गई। नुकसान का आंकड़ा 75,195.89 लाख रुपये पहुंच गया है। इनमें से अधिकतर नुकसान आपदा प्रभावित मंडी जिले में ही हुआ है। 39 लोगों की सड़क हादसे में माैत हुई है। 

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मंडी-कुल्लू  एनएच पर तीन जगह भूस्खलन
उधर, मंडी से कुल्लू को जोड़ने वाला एनएच भारी बारिश के चलते शनिवार रात करीब 12:00 बजे के आसपास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण बंद हो गया। डयोड के पास तीन अलग-अलग स्थानों पर हुए भूस्खलन से यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर रात को 12:00 बजे नौ मील के सेफ जोन में ट्रैफिक को पूरी तरह रोक दिया गया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।  पर्यटक वाहन, ट्रक, बसें और स्थानीय लोगों के वाहन रातभर फंसे रहे। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी और पंडोह के मध्य चार मील के पास शनिवार दोपहर को पहाड़ी दरक गई।  गनीमत रही कि कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया। पड़ोह के पास कैंची मोड़ में हाईवे बंद होने से हजारों लोग फंसे रहे। सड़क बंद होने से एक बरात भी इसमें फंस गई। पंहोह पुलिस की टीम ने दूल्हे को वहां से निकाल कर दूसरे वाहन में भेज दिया।

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कुछ स्थानों पर छह दिन भारी बारिश का अलर्ट
बीते 24 घंटों के दाैरान मुरारी देवी में 126.0, पंडोह 79.0, स्लापड़ 67.7, कोठी 60.4, मंडी 53.2, जोगिंद्रनगर 53.0, भुंतर 47.6, भराड़ी 40.0, सराहन 35.0, नीरो में 34.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में 18 जुलाई तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। 13 से 18 जुलाई तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार 13, 14, 15 और 18 जुलाई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। 12 जुलाई को कुछ स्थानों पर और 16 और 17 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं अगले 2 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, उसके बाद अगले 3-4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। 

241 में से 150 पेयजल योजनाएं आंशिक रूप से बहाल : मुकेश
 उप मुख्यमंत्री मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सराज विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा के कारण जल शक्ति विभाग की 241 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें से 150 योजनाओं को आंशिक रूप से बहाल किया जा चुका है। अन्य योजनाओं की बहाली का काम भी विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जल शक्ति विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात दुर्गम परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं की मरम्मत के लिए विपरीत मौसम के बावजूद दुर्गम से दुर्गम क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति बहाल करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि वह स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों तथा क्षतिग्रस्त योजनाओं की बहाली के कार्यों की रोजाना समीक्षा कर रहे हैं। 

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