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Himachal Weather: लाहौल, चंबा में तीन जगह बादल फटे, मंडी में पहाड़ी से गिरे पत्थर से महिला की मौत

Wed, 01 Jul 2026 08:08 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 01 Jul 2026 08:08 PM IST
सार

 पूरे प्रदेश में मानसून के पहुंचने के साथ ही लाहौल-स्पीति और चंबा में तीन जगह बादल फटने की घटनाएं सामने आईं, जबकि मंडी में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। 

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Himachal Weather: Cloudbursts occurred at three locations in Lahaul and Chamba; a woman died in Mandi
हिमाचल में बारिश से कई जगह तबाही। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने कई जिलों में तबाही के निशान छोड़ दिए। बुधवार को पूरे प्रदेश में मानसून के पहुंचने के साथ ही लाहौल-स्पीति और चंबा में तीन जगह बादल फटने की घटनाएं सामने आईं, जबकि मंडी में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश भर में नदी-नाले उफान पर हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि, प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश न होने से मौसम में उमस बढ़ गई है। ऊना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

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लाहौल में रात को दो जगह बादल फटे 

लाहौल में मंगलवार रात को दो जगह बादल फटे हैं। पट्टन घाटी की रानिका पंचायत के पड़ाक गांव में बादल फटने से आई बाढ़ से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं रीवालिंग संपर्क सड़क भी बंद हो गई है।  जिस्पा में बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई। मलबा आने के कारण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया, जबकि तांदी-संसारी मार्ग भी यातायात के लिए बंद करना पड़ा। उधर, चंबा के साहो क्षेत्र की ग्राम पंचायत कीड़ी में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। एक तरफ जहां बगीचों में सेब को नुकसान पहुंचा है, वहीं कीड़ी-बंजल मार्ग पर जुंगली नाला के समीप 500 मीटर सड़क ध्वस्त हो गई है। पानी के बहाव में कैंची मोड़ के समीप बनी तीन पैदल पुलियां भी बह गईं। 

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चंबा जिले में भी तबाही

भारी बारिश से पठानकोट-भरमौर हाईवे बत्ती दी हट्टी सहित लूणा समेत चंबा-तीसा मार्ग पंगोला नाला के समीप जलस्तर बढ़ने से छह घंटे बंद रहा। 30 पंचायतों का संपर्क पूरी तरह से कट गया। सलूणी में कई जगह घरों में मलबा घुस गया। किलाड़-सेचू मार्ग पर मलबा आने से जेसीबी मशीन मलबे में दब गई। बुधवार को सुबह चार से लेकर 10 बजे तक मंडी जिले में भारी बारिश हुई। इससे ब्यास के साथ जिले में नदी-नाले उफान पर हैं। मंडी के औट स्थित शनि मंदिर के पास बुधवार सुबह बच्चे को उल्टी करवाने कार से बाहर निकली महिला की पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से मौत हो गई। प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बारिश के कारण राज्यभर में 35 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं, जबकि 127 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। कई स्थानों पर बिजली और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऊना में बुधवार सुबह चार बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ। इस कारण सब्जी मंडी में कारोबार प्रभावित हुआ। कई दुकानों में पानी घुस गया और सड़कें जलमग्न हो गईं। ऊना की कई खड्डों और स्वां नदी का जलस्तर बढ़ गया है। चिंतपूर्णी क्षेत्र में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने भरवाईं में भारी नुकसान पहुंचाया है। मुबारिकपुर-रानीताल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर भरवाईं स्थित किराना की दुकान के सामने सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे आसपास बनी तीन दुकानों पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

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गानवी खड्ड का जलस्तर काफी बढ़ा

लगातार बारिश के चलते शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में गानवी खड्ड का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके कारण तीन पंचायतों का संपर्क संपर्क कट गया है। किन्नौर जिले में नाथपा बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। कल्पा और रिकांगपिओ में दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। वहीं, किन्नौर के रिस्पा नाले के उफान पर आने से गांव को जोड़ने वाली सड़क बह गई है। कांगड़ा में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक बारिश का दौर जारी रहा। शाहपुर, जवाली, खैरा सहित अन्य क्षेत्रों में पानी लोगों की दुकानों और घरों में घुस गया। सुबह के बाद मौसम साफ रहा। हमीरपुर में ब्यास पुल पर पहाड़ी का मलबा गिरने से सुजानपुर-संधोल मार्ग करीब पौना घंटा बाधित रहा। सलूणी उपमंडल की लनौट पंचायत में बारिश के बीच पहाड़ी से आया मलबा एक घर में घुस गया। परिवार ने किसी तरह डेढ़ वर्ष की मासूम पोती को गोद में उठाकर भागकर जान बचाई। उधर, राजधानी शिमला में बुधवार सुबह से दोपहर तक रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। सिरमौर में भी बारिश से कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी रही। बिलासपुर-सोलन जिले की सीमा से सटे क्यारड़ क्षेत्र में बुधवार को भारी भूस्खलन होने से शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-205 दिनभर पूरी तरह बंद रहा। इससे शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मानसून आते ही सामान्य से 251 फीसदी अधिक बरसे बादल

हिमाचल प्रदेश में 30 जून की रात से एक जुलाई की शाम तक प्रदेश में सामान्य से 251 फीसदी अधिक बादल बरसे। इस अवधि में 4.1 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है कि जबकि वास्तव में इस दौरान 14.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बिलासपुर में सामान्य से 308, चंबा में 544, हमीरपुर में 305, कांगड़ा में 572, कुल्लू में 501, मंडी में 171, शिमला में 11, सोलन में सात और ऊना में 3 फीसदी अधिक बारिश हुई। किन्नौर में सामान्य से 100, लाहौल-स्पीति में 64 और सिरमौर में 69 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।

चार जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट

चार जिलों कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में दो और तीन जुलाई को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। शेष जिलों में बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। चार जुलाई को प्रदेश में अधिक बारिश होने की संभावना कम है। पांच और छह जुलाई के लिए दोबारा प्रदेश में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया गया है। सात जुलाई तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।

कहां कितनी बारिश

क्षेत्र बारिश (मिलीमीटर में)
पालमपुर 74
ऊना 63
धर्मशाला 44
देहरा गोपीपुर 38
कांगड़ा 35
बिलासपुर 27
भुंतर 27
हमीरपुर 15
मंडी 13
शिमला 12
मनाली 12

श्रीखंड यात्रा न करें, आदेशों के उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई

उत्तर भारत की सबसे कठिनतम धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर सुरक्षा कारणों के चलते प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (1) लागू कर दी है। एसडीएम निरमंड जगदीप कंवर की ओर से जारी आदेशों के अनुसार अगले आदेशों तक इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की ट्रैकिंग, यात्रा अथवा श्रद्धालुओं को ले जाने की गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। जारी आदेश में सभी ट्रैकर्स, श्रद्धालुओं, टूर एवं ट्रैकिंग एजेंसियों से अपील की गई है कि वे अपनी, अन्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधित मार्ग पर प्रवेश या यात्रा का प्रयास न करें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई ट्रैकर्स, श्रद्धालु, टूर-ट्रैकिंग एजेंसी और अन्य व्यक्ति आदेशों की अवहेलना करते हुए प्रतिबंधित मार्ग पर यात्रा करता या करवाता पाया गया तो उसके विरुद्ध प्रचलित कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन दंडनीय अपराध माना जाएगा।

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