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Bilaspur News: तेज आवाज और ईयरफोन से घट सकती है सुनने की क्षमता
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जुखाला स्कूल में बधिर जागरूकता सप्ताह, बच्चों ने प्रतियोगिताओं में लिया हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सदर ब्लॉक मार्कंडेय की ओर से शिवालिक पब्लिक स्कूल जुखाला में बधिर जागरूकता सप्ताह के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा के दिशा-निर्देश में हुआ। स्कूल प्रधानाचार्य गोपाल दास ने अध्यक्षता की।
हेल्थ एजुकेटर मस्तराम ने उपस्थित लोगों को बहरेपन के कारणों, बचाव और शुरुआती पहचान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बहरापन जन्मजात होने के साथ तेज शोर, मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल, कुछ दवाओं और संक्रमण के कारण भी हो सकता है। तेज आवाज में टीवी, रेडियो या अन्य उपकरण सुनने तथा लंबे समय तक ईयरफोन इस्तेमाल करने से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने लोगों से मोबाइल और ईयरफोन का अधिक इस्तेमाल न करने की अपील की। हेडफोन का उपयोग करते समय आवाज 60 डेसीबल से कम रखने, तेज ध्वनि से बचने और नियमित रूप से कानों की जांच करवाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह के बिना कानों में किसी तरह की दवा नहीं डालनी चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए कानों की स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है।
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कार्यक्रम में बच्चों के लिए भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं करवाई गईं। भाषण प्रतियोगिता में सात बच्चों ने भाग लिया। इसमें काव्या शर्मा प्रथम, सक्षम द्वितीय और शिवांश शर्मा तृतीय रहे। पोस्टर प्रतियोगिता में आठ बच्चों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन के तौर पर रजिस्टर और बॉल पेन दिए गए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सदर ब्लॉक मार्कंडेय की ओर से शिवालिक पब्लिक स्कूल जुखाला में बधिर जागरूकता सप्ताह के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा के दिशा-निर्देश में हुआ। स्कूल प्रधानाचार्य गोपाल दास ने अध्यक्षता की।
हेल्थ एजुकेटर मस्तराम ने उपस्थित लोगों को बहरेपन के कारणों, बचाव और शुरुआती पहचान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बहरापन जन्मजात होने के साथ तेज शोर, मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल, कुछ दवाओं और संक्रमण के कारण भी हो सकता है। तेज आवाज में टीवी, रेडियो या अन्य उपकरण सुनने तथा लंबे समय तक ईयरफोन इस्तेमाल करने से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
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उन्होंने लोगों से मोबाइल और ईयरफोन का अधिक इस्तेमाल न करने की अपील की। हेडफोन का उपयोग करते समय आवाज 60 डेसीबल से कम रखने, तेज ध्वनि से बचने और नियमित रूप से कानों की जांच करवाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह के बिना कानों में किसी तरह की दवा नहीं डालनी चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए कानों की स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है।
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कार्यक्रम में बच्चों के लिए भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं करवाई गईं। भाषण प्रतियोगिता में सात बच्चों ने भाग लिया। इसमें काव्या शर्मा प्रथम, सक्षम द्वितीय और शिवांश शर्मा तृतीय रहे। पोस्टर प्रतियोगिता में आठ बच्चों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन के तौर पर रजिस्टर और बॉल पेन दिए गए।