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जमानत खारिज होने पर भूमिगत हुई जेई, विजिलेंस के हाथ खाली
Wed, 29 May 2019 01:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 29 May 2019 01:04 PM IST
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फाइल फोटो
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सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग में सेवारत महिला जेई न्यायालय से जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद भूमिगत हो गई है। हमीरपुर से आरोपी जेई का पहले मंडी जिला में अधीक्षण अभियंता कार्यालय और बाद में शिमला स्थित आईपीएच मुख्यालय में तबादला हुआ। वर्तमान में वह शिमला मुख्यालय में ही सेवाएं दे रही है। लेकिन वर्तमान में गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गई है।
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राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने जुलाई 2017 में आरोपी जेई के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में बचने के लिए जेई ने हमीरपुर न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी। लेकिन बीते सोमवार को न्यायालय से जमानत नहीं मिली। जिसके बाद विजिलेंस की टीम जेई को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है। लेकिन अर्जी रद्द होने के 36 घंटे के बाद भी विजिलेंस के हाथ खाली हैं।
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बता दें कि वर्ष 2014-15 में हमीरपुर डिवीजन के तहत 1.03 लाख रुपये की लागत से भारी भलेड़ा पेयजल योजना और 25 हजार रुपये की लागत से लंबलू उठाउ पेयजल योजना में बिजली वायरिंग के लिए कार्य के लिए टेंडर आवंटित हुए थे। लेकिन संबंधित ठेकेदार ने टेंडर नियमों के तहत कार्य नहीं किया। बावजूद संबंधित जेई ने ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया। इस मामले की शिकायत के बाद बिजली बोर्ड और आईपीएच विभाग ने अपने स्तर पर जांच की और पाया कि दोनों पेयजल योजनाओं में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है।
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इसके बाद विजिलेंस ने भी जांच रिपोर्ट के आधार पर जेई के खिलाफ पीसी एक्ट के तहत केस दर्ज किया। लेकिन जेई को गिरफ्तार नहीं किया। महीनों बीत जाने के बाद जेई ने हमीरपुर न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई जो सोमवार, 27 मई को खारिज हो गई। जिसके बाद विजिलेंस जेई की तलाश में जुटी है। उधर, डीएसपी विजिलेंस बीडी भाटिया ने कहा कि जेई की तालाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।