फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal vidhan Sabha to start zero hour

हिमाचल विधानसभा में शुरू होगा शून्यकाल

Fri, 26 Feb 2016 11:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 26 Feb 2016 11:31 AM IST
विज्ञापन
himachal vidhan Sabha to start zero hour

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में अब शून्य काल की व्यवस्था की जा रही है। विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चले, इसके चलते यह फैसला लिया जा रहा है। विधानसभा में आयोजित सर्वदलीय बैठक में पार्टी पदाधिकारियों ने इस पर अपनी सहमति जताई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र से इस मामले में चर्चा होनी बाकी है।

विज्ञापन


बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा है कि विधानसभा में दो तीन दिन के भीतर शून्य काल आरंभ किया जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान ही विधानसभा में हो-हल्ला शुरू हो जाता है। ऐसे में विधायकों को शून्यकाल में अपनी बात रखने का मौका मिल सकेगा।
विज्ञापन


बुटेल ने सर्वदलीय बैठक में पार्टी नेताओं के साथ विधानसभा शांतिपूर्वक चलाए जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा में विपक्ष होहल्ला करता है तो इसमें अपना ही नुकसान होगा। एक घंटे का प्रश्नकाल होता है अगर प्रश्नकाल के दौरान ही होहल्ला शुरू हो जाता है तो निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विधानसभा अध्यक्ष बीबीएल बुटेल ने कहा कि बैठक में सदन के सौहार्दपूर्ण तरीके से चलाने के मुद्दे पर चर्चा के साथ-साथ शून्यकाल शुरू करने पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्रवाई हंगामे की भेंट न चढ़े, इसे लेकर शून्यकाल शुरू करने के मुद्दे पर उनकी सर्वदलीय बैठक में चर्चा हुई।

पीलिया के मुद्दे पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर सदस्यों के नोटिस मिले हैं। नियमों के तहत किसी भी मुद्दे पर नियम 67 अथवा 62 के तहत उसी स्थिति में चर्चा हो सकती है। पीलिया पर बहुत सदस्यों ने प्रश्नों के नोटिस दिए हैं। सभी प्रश्नों को क्लब किया जाएगा।

क्या है शून्यकाल-
शून्यकाल में जनता से जुडे़ मुद्दों को उठाया जा सकेगा। आमतौर पर विधायक प्रश्नकाल में ही कई ऐसे मुद्दे उठाने शुरू कर देते हैं कि जिससे सवालों के जवाब ठीक से नहीं आ पाते। ये व्यवस्था इसी वजह से की जा रही है। ये प्रश्नकाल के तुरंत बाद अन्य विधायी कार्य शुरू करने से पहले होता है। इसकी रूल्स ऑफ प्रोसीजर में भी व्यवस्था नहीं होती है। ये गंभीर मामलों को उठाने के लिए एक अनौपचारिक व्यवस्था होती है।


सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए वीरभद्र और धूमल-
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विपक्ष के नेता प्रेमकुमार धूमल, संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज, मुख्य उपसचेतक रिखी राम कौंडल, हिलोपा के विधायक महेश्वर सिंह और निर्दलीय विधायक बलवीर वर्मा ने हिस्सा लिया। हालांकि, वीरभद्र सिंह थोड़े समय बाद ही सर्वदलीय बैठक से चले गए।

हिमाचल की राज्यसभा सीट के लिए 21 मार्च को होगा मतदान- राज्यसभा की 13 सीटों के लिए मतदान 21 मार्च को होगा। छह राज्यों के 13 सदस्यों का कार्यकाल 2 अप्रैल को पूरा हो रहा है। अधिसूचना 4 मार्च को जारी होगी। नामांकन के लिए अंतिम तिथि 11 मार्च है।

मतदान के दिन ही शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इन सीटों में पंजाब की 5, केरल की 3, हिमाचल प्रदेश की 1, असम की 1, नगालैंड और त्रिपुरा की एक-एक सीटें शामिल हैं। नगालैंड के सदस्य जिमोमी का निधन 26 नवम्बर, 2015 को हो गया था। तब से यह सीट खाली है।

चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक असम के पंकज बोरा और नाजनीन फारूक, हिमाचल प्रदेश की विमला, केरल केकेएन बालगोपाल, एके एंटनी, टीनएन सीमा, नगालैंड के खेकीहो जिमोमी, त्रिपुरा के झरना दास, पंजाब के अश्विनी, अविनाश राय खन्ना, आदि का कार्यकाल 2 अप्रैल को पूरा हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed