ट्रिब्यूनल ने शिक्षिका से स्टेट टीचर अवार्ड वापस लेने पर लगाई रोक
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प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने प्रधानाचार्य से स्टेट टीचर अवार्ड को वापस लेने के सरकारी आदेशों पर फिलहाल रोक लगा दी है। ट्रिब्यूनल अध्यक्ष न्यायाधीश वीके शर्मा ने पूनम राणा द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए।
इस मामले में ट्रिब्यूनल ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। प्रार्थी के खिलाफ आरोप है कि उसने झूठे दस्तावेजों के सहारे स्टेट टीचर अवार्ड प्राप्त किया। 18 जुलाई को हिमाचल सरकार ने निर्देश जारी कर प्रधानाचार्या का अवार्ड वापस लेने के आदेश दिया था।
शिक्षिका को दिया एक साल का सेवा विस्तार भी समाप्त कर दिया था। जानकारी के अनुसार देहरा के एक स्कूल में तैनात प्रधानाचार्य को 5 सितंबर 2016 को राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला था।
यहां जानिए पूरा मामला
उक्त प्रधानाचार्या ने अप्रैल 2017 में सेवानिवृत्त होना था लेकिन राज्य शिक्षक अवार्ड मिलने के कारण उसे सरकार की तरफ से एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया। प्रार्थी ने याचिका में आरोप लगाया है कि राज्य सरकार द्वारा पारित फैसला कानून की दृष्टि से गलत है।
अवार्ड वापस लेने के फैसले से पूर्व उसे सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए था। प्रार्थी के अनुसार यह फैसला एक तरफा है। इस कारण इसे रद्द किया जाना चाहिए। ट्रिब्यूनल ने प्रार्थी की दलीलों से प्रथम दृष्टया सहमति जताते हुए अवार्ड वापस लेने के आदेश पर रोक लगा दी है।