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हिमाचल प्रदेश: पैसों की तंगी नहीं रोकेगी सपनों की उड़ान, उच्च शिक्षा के लिए सस्ते लोन का रास्ता साफ; जानें

Sat, 31 Jan 2026 07:00 AM IST
अंकेश डोगरा अनिमेष कौशल, शिमला।
अनिमेष कौशल, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 31 Jan 2026 07:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सस्ता लोन मिल पाएगा। अब बैंकों को स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि पात्र विद्यार्थियों को ऋण देने में कोई आनाकानी नहीं की जाए। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal The path to affordable loans for higher education is now clear
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

उच्च शिक्षा की राह में आर्थिक तंगी अब हिमाचल के होनहार विद्यार्थियों के लिए दीवार नहीं बनेगी। वाईएस परमार शिक्षा ऋण योजना को सरकार ने फिर से प्रभावी ढंग से लागू करने का रास्ता साफ कर दिया है। अमर उजाला में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद सरकार हरकत में आई और वित्त विभाग ने शिक्षा ऋण के लिए कोलैटरल सिक्योरिटी उपलब्ध करवाने पर सहमति जता दी। अब बैंकों को स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि पात्र विद्यार्थियों को ऋण देने में कोई आनाकानी नहीं की जाए। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी बैंकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वाईएस परमार शिक्षा ऋण योजना के तहत ऋण मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। सरकार ने गारंटी पत्र भी उपलब्ध करवाया है, जिससे बैंकों की प्रमुख आपत्ति दूर हो गई है।

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दरअसल, बीते कुछ समय से योजना तकनीकी और वित्तीय आपत्तियों में उलझी हुई थी। 7.50 लाख रुपये से अधिक का शिक्षा ऋण देने के मामलों में बैंकों ने कोलैटरल सिक्योरिटी और सरकारी गारंटी न होने का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए थे। इसका सीधा खामियाजा पात्र विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा। कई छात्र महीनों तक बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर थे, जबकि दाखिले और फीस की समयसीमा सिर पर थी। अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत स्वीकृत ऋण पर आवश्यक गारंटी और सुरक्षा दी जाएगी। इससे बैंकों का जोखिम कम होगा और विद्यार्थियों को समय पर ऋण मिल सकेगा। उच्च शिक्षा निदेशालय का कहना है कि योजना का मूल उद्देश्य है कि कोई भी मेधावी छात्र सिर्फ पैसों के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।

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उधर, इस फैसले से प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। तकनीकी, मेडिकल, प्रोफेशनल और अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्र अब बिना डर के ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे। अमर उजाला ने नौ जनवरी के अंक में शिक्षा ऋण योजना में आ रही परेशानियों और विद्यार्थियों की दुश्वारियों को प्रमुखता से उजागर किया था। इसके बाद सरकार और संबंधित विभागों ने गंभीरता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की। इस योजना में वार्षिक 12 लाख रुपये की आय सीमा वाले हिमाचली मूल परिवारों के विद्यार्थियों को मात्र एक फीसदी ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत अधिकतम 20 लाख रुपये तक का ऋण लिया जा सकता है।

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हर पात्र छात्र को दिया जाएगा योजना का लाभ
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि योजना से संबंधित बैंकों की आपत्तियों को दूर कर दिया गया है। सभी बैंकों को पत्र जारी कर आवेदन लेने के निर्देश दे दिए हैं। योजना का लाभ लेने से कोई भी पात्र छात्र न छूटे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पात्र विद्यार्थी ऋण लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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