परिवहन निगम के अफसरों पर विजिलेंस का शिकंजा, पत्र लिखकर दिए निर्देश
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बसों की खरीद की जांच के आदेश मिलते ही स्टेट विजिलेंस ने परिवहन निगम के अधिकारियों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विजिलेंस ने निगम को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि खरीद से जुड़े पुराने दस्तावेजों को नष्ट न किया जाए।
दलील दी गई है कि जांच के दौरान इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में उनको संभालकर रखा जाए। उधर, विजिलेंस के पत्र के बाद परिवहन निगम के अफसरों में खलबली मच गई है।
वीरभद्र सरकार के दौरान परिवहन निगम ने जरूरत न होने के बावजूद करीब चार सौ से ज्यादा बसों की खरीद कर ली थी। भारी खरीद के बाद लंबे समय से बसें प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर खड़ी सड़ रही हैं।
पूर्व सरकार के समय विपक्ष में रही भाजपा ने राज्यपाल को चार्जशीट सौंपकर मांग की थी कि बस खरीद में हुए कथित घोटाले की जांच कराई जाए। चुनाव के बाद भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देश पर विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों का कहना है जांच में निगम के कुछ पूर्व वरिष्ठ अधिकारी सरकारी धन के दुरुपयोग में फंस सकते हैं। इसके अलावा तत्कालीन परिवहन मंत्री भी जांच की जद में आ सकते हैं।
वहीं, मामले में विजिलेंस के अधिकारी आधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने निगम को पत्र लिखे जाने की पुष्टि की है।