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ब्लू व्हेल: न साइबर कैफे में तफ्तीश, न जिदंगी बचाने का प्रयास

Sun, 10 Sep 2017 12:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन Updated Sun, 10 Sep 2017 12:39 PM IST
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himachal solan police is not serious in blue whale case

ब्लू व्हेल के मकड़जाल को पूरे मन से तोड़ने की कोशिश हिमाचल के सोलन में नजर नहीं आ रही है। यहां मामला उजागर होने के बाद न तो साइबर कैफे में तफतीश शुरू हो पाई है और न ही बच्चे की निशानदेही पर अन्य चार बच्चों की जिंदगी बचाने को कोई आगे आया है। पुलिस ने इस संबंध में फिलहाल कोई मामला दर्ज नहीं किया है।

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बच्चे और उसके अभिभावकों ने मीडिया से बातचीत में सीधे तौर पर गेम छोड़ने पर जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया था। बच्चे एक बार इस खेल में मग्न होने के बाद बाहर नहीं आ सकते। यदि वे ऐसा करना भी चाहें तो सामने से उसे या परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी मिलती है।
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इस खेल में बच्चों से घर के नंबर और पता तक पूछ लिया जाता है। इसका खुलासा होने के बावजूद मामले में आगे की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। सोलन शहर में चल रहे उन साइबर कैफे की भी पड़ताल नहीं की गई जो कम उम्र के बच्चों को बिना किसी पहचान और ठोस कारण के घंटों तक इंटरनेट के इस्तेमाल की इजाजत दे रहे हैं।

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शिक्षा विभाग के अधिकारियों से करेंगे बैठक

himachal solan police is not serious in blue whale case

डीसी राकेश कंवर ने कहा कि ब्लू व्हेल को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। इसमें इस खेल को रोकने और बच्चों को इससे दूर रखने पर चर्चा होगी।

इस दौरान जो भी सुझाव सामने आएंगे उन पर अमल होगा। निजी और सरकारी क्षेत्र के सभी स्कूलों में नियमित रूप से काउंसलिंग की व्यवस्था भी प्रशासन करने जा रहा है।

एसपी मोहित चावला ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की काउंसलिंग और साइबर कैफों में जागरूकता अभियान छेड़ा जाएगा। ब्लू व्हेल को लेकर पुलिस समय-समय पर लोगों को जागरूक कर रही है।

भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेंगे। ब्लू व्हेल में जागरूकता और सावधानी की जरूरत है। अभिभावकों व स्कूल प्रबंधन को इस पर ध्यान देना होगा।

बाल अधिकार संरक्षण समिति की अध्यक्ष किराण धांटा ने कहा कि पुलिस को सोलन के ब्लू व्हेल मामले में बिना किसी देरी के केस दर्ज करना चाहिए। इस मामले में बच्चे के परिजनों के बयान लिए जा सकते हैं।

बच्चे ने जान से मारने की धमकी मिलने की बात कही है। यह गेम प्रतिबंधित होनी चाहिए। उनकी संस्था जल्द ही इस संबंध में सभी पीड़ित बच्चों, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मिलेगी।

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