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सर्वे के तीन साल बाद भी नहीं सुलझा सरचू सीमा विवाद, फिर बढ़ेगी तनातनी

Mon, 03 Dec 2018 12:19 PM IST
दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति) Updated Mon, 03 Dec 2018 12:19 PM IST
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Himachal Sarchu border dispute with jammu and kashmir goivernment

रोहतांग टनल बनने के बाद सरचू सीमा विवाद बढ़ सकता है। प्रदेश सरकारें अभी इस मसले को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं। सर्वे के तीन वर्षों बाद भी सरचू विवाद नहीं सुलझ पाया है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के व्यवसायियों की तनातनी के बाद बाकायदा 10 अगस्त, 2015 को इस मसले को लेकर हिमाचल के लाहौल-स्पीति और जम्मू कश्मीर के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सरचू में एक बैठक हुई थी।

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इसमें लाहौल-स्पीति में उपायुक्त रह चुके विवेक भाटिया, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा और लद्दाख के उपायुक्त प्रसन्ना रामा स्वामी, कारगिल के डीसी मौजूद थे। बैठक के बाद दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी सरकार को निशानदेही के लिए लिखा था, लेकिन अभी यह मसला सरकारें सुलझा नहीं पाई हैं।
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इन दिनों उस ओर बर्फबारी के चलते हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के कारोबारी सरचू से हट गए हैं। सीजन आते ही दोनों राज्यों के कारोबारियों में जमीन को लेकर तनातनी रहती है। 10 अगस्त, 2015 को दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में सर्वे ऑफ इंडिया की टीम के मेजर जनरल आरपी सेन की अगुवाई में विवादित स्थल का दौरा किया था।

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Himachal Sarchu border dispute with jammu and kashmir goivernment

टीम ने खुलासा किया था कि मानचित्र के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पुलिस और व्यवसायी हिमाचल सीमा के 17 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं। जेएंडके पुलिस की अस्थायी चौकी हिमाचल सीमा में दर्शाई गई है। सर्वे टीम ने इसकी रिपोर्ट उसी दौरान दोनों राज्यों की सरकारों को सौंप दी थी, लेकिन मामला अभी भी ठंडे बस्ते में है।

पर्यटन के लिहाज से सरचू देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। उपायुक्त लाहौल-स्पीति अश्वनी कुमार चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे पर मंथन चल रहा है। दो-तीन दिन पहले ही दिल्ली में इस पर एक बैठक हुई है। जिला परिषद लाहौल-स्पीति के चेयरमैन रमेश ने कहा कि इस संबंध में पहले ही मुख्यमंत्री को पत्र सौंपा जा चुका है।

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