Himachal: हिमाचल का 150 साल पुराना स्कूल, जहां पांच ब्रिटिश नागरिकों ने बतौर हेडमास्टर दीं सेवाएं
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हिमाचल प्रदेश के 150 साल पुराने सरकारी स्कूल में पांच ब्रिटिश नागरिक बतौर हेडमास्टर सेवाएं दे चुके हैं। इस स्कूल से जुड़ा इतिहास काफी रोचक है।
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के चंबा शहर के बीचोंबीच स्थित बाल विद्यालय 150 वर्षों से शिक्षा की धारा से जोड़ने के लिए मशहूर है। अब तक इस विद्यालय में पांच ब्रिटिश नागरिक बतौर हेडमास्टर सेवाएं दे चुके हैं। इतना ही नहीं विधानसभा अध्यक्ष पद पर विराजमान रहे पंडित जयबंत राम ने भी इस स्कूल में 26 वर्षों तक बतौर हेडमास्टर सेवाएं दीं। जिला का यह ऐतिहासिक विद्यालय अब तक कई अनमोल हीरे देश/प्रदेश को दे चुका है। विद्यालय से जुड़ी अमिट यादों को एक धागे में पिरोने की विद्यालय प्रबंधन ने अपने स्तर पर प्रयास आरंभ किए हैं। ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के लिए अब विद्यालय प्रबंधन अपने स्तर पर एक वेबसाइट तैयार करवाकर इसे ऑनलाइन करने जा रहा है। जिससे पुरानी यादों को सदा के लिए जिंदा रखा जा सके। लेखक जे. हचिसन और जे.पीएच. वोगल द्वारा रचित हिस्ट्री ऑफ पंजाब हिल स्टेट्स किताब में भी जिक्र किया गया है कि वर्ष 1863 में जिला मुख्यालय चंबा में डाकघर सहित विद्यालय का आगाज हुआ। चंबा से ही डलहौजी के लिए पैदल डाक भेजी जाती थी। 30 नवंबर वर्ष 1871 में विद्यालय को मिडल स्कूल का दर्जा दिया गया।
उस दौरान क्रमबार पांच ब्रिटिश नागरिक हेडमास्टर यहां पर सेवारत रहे। इसके अलावा वर्ष 1887 में इस पाठशाला में छात्राओं को शिक्षा की धारा से जोड़ने की व्यवस्था रही। इस दौरान पांच अंग्रेज हेडमास्टरों ने विद्यालय में व्यवस्थाओं कायम रखने का जिम्मा संभाला। इसका एडमिशन विड्रॉल रजिस्टर में आज भी हस्ताक्षर और उस दौरान उत्तीर्ण रहे विद्यार्थियों के नाम-पते सहित पूरा विवरण मौजूद है। जल्द ही विद्यालय प्रबंधन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा के नाम से वेबसाइट तैयार करने के अलावा इस रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस संबंध में जागरूक किया जा सके। राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा के प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह जंदरोटिया ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि ऐतिहासिक धरोहर को सहेज कर आने वाली पीढ़ियों को बताने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए वेबसाइट तैयार की जा रही है।