हिमाचल: मंत्रियों और विधायकों के भत्ते बढ़े, नदी में बही युवती समेत ये रहीं प्रमुख खबरें
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हिमाचल प्रदेश में आज एक खबर ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा और वो है मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्ते से संबंधित। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी ग्यारहवें दिन शनिवार को हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच मंत्रियों-विधायकों का यात्रा भत्ता बढ़ाने के तीनों विधेयक पारित हो गए। आधे घंटे की चर्चा के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष ने हां में हां मिलाई और इससे संबंधित बिल सदन में पारित हो गए। इसके साथ ही कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य ने भत्ते बढ़ाने का सोशल मीडिया पर विरोध जताया लेकिन सदन में मौन हो गए। वहीं माननीयों के भत्ते बढ़ाने का सोशल मीडिया पर भी खूब मजाक उड़ाया गया। मंडी के जोगिंद्रनगर में फिर चोरी होने से व्यापारियों ने थाने का घेराव कर डाला। अचानक पांव फिसलने से रावी नदी में एक युवती बह गई।
2.50 लाख से बढ़कर चार लाख हुआ मंत्री-विधायकों का यात्रा भत्ता, सिंघा ने जताया विरोध
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी ग्यारहवें दिन शनिवार को हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच मंत्रियों-विधायकों का यात्रा भत्ता बढ़ाने के तीनों विधेयक पारित हो गए। आधे घंटे की चर्चा के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष ने हां में हां मिलाई और इससे संबंधित बिल सदन में पारित हो गए। इसी के साथ मंत्रियों-विधायकों के निशुल्क यात्रा भत्ते में 60 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई। यात्रा भत्ते के बिल पारण की कार्यवाही के दौरान इन विधेयकों का समर्थन करती कांग्रेस तो भाजपा से भी एक कदम आगे निकल गई। यहां पढ़ें पूरी खबर...
विक्रमादित्य ने भत्ते बढ़ाने का सोशल मीडिया पर जताया विरोध, सदन में साधी चुप्पी
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे और शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार सुबह मंत्रियों-विधायकों के यात्रा भत्ते को लेकर लाए विधेयक का विरोध किया लेकिन सदन में इस मामले को लेकर चुप्पी साध ली। सदन में जब इस विधेयक को लेकर चर्चा हुई तो विक्रमादित्य ने अपना पक्ष नहीं रखा। जब इस बाबत विधायक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह उनका व्यक्तिगत विरोध है। यहां पढ़ें पूरी खबर...