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Shimla News: आयुष्मान कार्ड पर नहीं मिल रहा प्रोस्टेट कैंसर का इंजेक्शन
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चमियाना अस्पताल में मरीज झेल रहे हैं परेशानी
सिविल सप्लाई की दुकान से 12 हजार में मिल रहा इंजेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित मरीजों को लगने वाला इंजेक्शन हिमकेयर योजना के तहत उपलब्ध हो गया है, लेकिन आयुष्मान कार्ड धारकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आयुष्मान कार्ड पर सिविल सप्लाई की दुकान से मरीजों को यह इंजेक्शन नहीं दिया जा रहा है। सिविल सप्लाई की दुकान के कर्मचारी इंजेक्शन देने से साफ इन्कार कर रहे हैं। इसके बाद मरीजों को 12 हजार रुपये में इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है।
मरीजों को यह इंजेक्शन हर माह लगवाना पड़ता है। जुलाई से आयुष्मान कार्ड पर इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। इसके बाद बुजुर्ग मरीजों को इंजेक्शन के लिए 12 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे परिजनों को जेब ढीली करनी पड़ रही है और उन्हें योजना के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। सिविल सप्लाई की दवा दुकान के कर्मचारियों के अनुसार अस्पताल प्रबंधन के पास करोड़ों रुपये की राशि लंबित है। राशि लंबित होने के कारण आयुष्मान कार्ड पर इंजेक्शन और अन्य दवाएं उपलब्ध करवाना मुश्किल हो गया है। वहीं चिकित्सकों के अनुसार इंजेक्शन में बारकोड न होने के कारण दिक्कत आ रही है। आयुष्मान कार्ड पर केवल बारकोडयुक्त इंजेक्शन ही दिया जाता है। इसके अलावा किसी अन्य इंजेक्शन की आपूर्ति करने पर उसका क्लेम नहीं मिल पाता है।
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अदिति ने बताया कि वह रामपुर से अपने बुजुर्ग पिता को प्रोस्टेट कैंसर के उपचार के लिए चमियाना लाती हैं। इनके पिता को हर महीने इंजेक्शन लगता है। यह इंजेक्शन आयुष्मान कार्ड पर उपलब्ध करवाया जाता है, लेकिन इन दिनों काफी दिक्कतें आ रही हैं। अस्पताल प्रबंधन को इस बारे में बताया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में हिमकेयर कार्ड पर इंजेक्शन उपलब्ध करवाया है, लेकिन आयुष्मान कार्ड पर सिविल सप्लाई की दुकान से इंजेक्शन नहीं दिया जा रहा है। इससे काफी परेशानी हो रही है। 12 हजाररुपये में इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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सिविल सप्लाई की दुकान से 12 हजार में मिल रहा इंजेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित मरीजों को लगने वाला इंजेक्शन हिमकेयर योजना के तहत उपलब्ध हो गया है, लेकिन आयुष्मान कार्ड धारकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आयुष्मान कार्ड पर सिविल सप्लाई की दुकान से मरीजों को यह इंजेक्शन नहीं दिया जा रहा है। सिविल सप्लाई की दुकान के कर्मचारी इंजेक्शन देने से साफ इन्कार कर रहे हैं। इसके बाद मरीजों को 12 हजार रुपये में इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है।
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मरीजों को यह इंजेक्शन हर माह लगवाना पड़ता है। जुलाई से आयुष्मान कार्ड पर इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। इसके बाद बुजुर्ग मरीजों को इंजेक्शन के लिए 12 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे परिजनों को जेब ढीली करनी पड़ रही है और उन्हें योजना के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। सिविल सप्लाई की दवा दुकान के कर्मचारियों के अनुसार अस्पताल प्रबंधन के पास करोड़ों रुपये की राशि लंबित है। राशि लंबित होने के कारण आयुष्मान कार्ड पर इंजेक्शन और अन्य दवाएं उपलब्ध करवाना मुश्किल हो गया है। वहीं चिकित्सकों के अनुसार इंजेक्शन में बारकोड न होने के कारण दिक्कत आ रही है। आयुष्मान कार्ड पर केवल बारकोडयुक्त इंजेक्शन ही दिया जाता है। इसके अलावा किसी अन्य इंजेक्शन की आपूर्ति करने पर उसका क्लेम नहीं मिल पाता है।
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अदिति ने बताया कि वह रामपुर से अपने बुजुर्ग पिता को प्रोस्टेट कैंसर के उपचार के लिए चमियाना लाती हैं। इनके पिता को हर महीने इंजेक्शन लगता है। यह इंजेक्शन आयुष्मान कार्ड पर उपलब्ध करवाया जाता है, लेकिन इन दिनों काफी दिक्कतें आ रही हैं। अस्पताल प्रबंधन को इस बारे में बताया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में हिमकेयर कार्ड पर इंजेक्शन उपलब्ध करवाया है, लेकिन आयुष्मान कार्ड पर सिविल सप्लाई की दुकान से इंजेक्शन नहीं दिया जा रहा है। इससे काफी परेशानी हो रही है। 12 हजाररुपये में इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।